फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले दो मुलाजिमों को फिरोजपुर जिले के गांव मरखाई में कुछ लोगों ने बंधक बना लिया और फिर मुलाजिमों के परिजनों को फोन कर छह लाख की फिरौती भी मांग ली। पुलिस के पास मामला पहुंचा तो मोगा पुलिस की एक टीम मौके पर जाकर किसी तरह से दोनों बंधक मुलाजिमों को लोगों के चंगुल से रिहा करवाया। पूरे घटनाक्रम के बाद थाना फतेहगढ़ पंजतूर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ अपहरण कर फिरौती मांगने का केस दर्ज किया है।
जांच कर रहे एएसआई कुलदीप सिंह ने बताया कि सुखविंदर सिंह (30) वासी गांव राऊवाला और धर्मवीर सिंह वासी गांव शेरपुर तायबां इंडिया बुल्स कंपनी में नौकरी करते है। सुखविंदर सिंह के अनुसार उनकी कंपनी गांवों में महिलाओं को घरेलू सामान के लिए लोन देती है। इस लोन के लिए पहले उनकी कंपनी गांवों में जाकर कुछ महिलाओं का एक ग्रुप बनाती है और प्रत्येक महिला से लोन से पहले 500 रुपये लोन की फीस ली जाती है। इसी योजना के तहत बीते सोमवार को वह और उसका साथी धर्मवीर सिंह बाइक पर सवार होकर फिरोजपुर के गांव फिरोजपुर जिले के गांव मरखाई में गए थे। इस दौरान जब वह सुबह करीब 11 बजे गांव मरखाई में पहुंचे तो करीब 50-60 लोगों ने उन्हें वहां पर रोक लिया और धक्कामुक्की कर लोगों ने उनके मोबाइल छीन लिए। इसके उपरांत सभी लोग जबरदस्ती उन्हें अपने साथ गांव हस्तीवाला में ले गए। जहां पर मलूका नामक व्यक्ति के घर पर ले जाकर इन लोगों ने सुखविंदर सिंह के घर वालों को फोन किया और कहा कि उनका बेटा हमारे कब्जे में है और अगर वह उसकी खैरियत चाहतें है तो जल्द से जल्द छह लाख रुपये का इंतजाम करें। इस फोन काल के बाद सुखविंदर सिंह की पत्नी जसमीत कौर ने शाम करीब सात बजे 100 नंबर पर पुलिस को फोन कर शिकायत कर दी। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर थाना फतेहगढ़ पंजतूर से पुलिस टीम को फिरोजपुर के गांव हस्तीवाला में भेजा गया, जहां पर पुलिस ने जैसे तैसे कर दोनों मुलाजिमों को सुरक्षित उन लोगों के चंगुल से रिहा करवाया। इसके बाद थाना पुलिस के उच्चधिकारियों के आदेशों पर थाना फतेहगढ़ पंजतूर में गांव हस्तीवाला निवासी मलूका, उसकी पत्नी, उसका साला, गांधी, कर्मा और जस्सी नामक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस अभी किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
...लोन के नाम पर लोगों से हुई थी ठगी
इस पूरे मामले में अपहरण की वजह यह सामने आई है कि इसी कंपनी के दो मुलाजिम कुछ समय पहले फिरोजपुर जिले के इन्हीं गांवो में आए और लोन करवाने के नाम पर गांववासियों से प्रति व्यक्ति 500 रुपये लेकर चले गए, लेकिन बाद में न तो किसी भी गांववासी को लोन मिला और न ही उनके पैसे वापिस किए गए। जिसके चलते गांव मरखाई और गांव हस्तीवाला के लोगों को इंतजार था कि कब इंडिया बुल्स कंपनी दोबारा उनके गांव में लोन करने के लिए अपने मुलाजिम भेजेगी। लेनिक जब सोमवार को सुखविंदर और उसका साथी धर्मवीर फिरोजपुर के उन्हीं गांवो में लोन करने के लिए पहुंच गए तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और गांव हस्तीवाला के लोगों ने उक्त दोनों मुलाजिमों को बंधक बनाकर उनके साथ मामूली मारपीट की और फिरौती के रूप में उनके परिजनों से अपने साथ हुई ठगी के बदले छह लाख रुपये मांग लिए। पुलिस सूत्रों की मानें तो पलविंदर सिंह और इंद्रप्रीत सिंह नामक व्यक्ति इस फाइनेंस कंपनी में नौकरी करते थे और उन्होंने गांव हस्तीवाला और मरखाई में लोन के नाम पर लोगों से करीब दो लाख रुपये की ठगी की, मगर इस ठगी से सुखविंदर और धर्मवीर का कोई संबंध नही थी। फिलहाल पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया है, जबकि प्राथमिक जांच के बाद पुलिस कई और गांववासियों को इस केस में नामजद करेगी।