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देश में डायबिटीज एक बड़ी समस्या : राजखोवा

Fri, 22 Apr 2016 03:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
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जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ सेल्फी लेते अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर ज्योति प्रसाद राजखोवा। - फोटो : अमर उजाला
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अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर ज्योति प्रसाद राजखोवा ने बताया कि देश में डायबिटीज एक बड़ी समस्या है। इस पर नियंत्रण करने के लिए भारतीय प्राचीन परंपराओं को न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाने की जरूरत है।
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अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर ज्योति प्रसाद राजखोवा वीरवार को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हर्बल स्वीटनर स्टेविया पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सिंपोजियम का शुभारंभ करने पहुंचे थे। इसका आयोजन एलपीयू के स्कूल ऑफ बॉयो टेक्नोलॉजी एंड बॉयोसाइंसेज की ओर से ग्रीन वैली स्टेविया (जीवीएस) बॉयोटेक के सहयोग से किया गया।

इस दौरान कई इंडस्ट्री, रिसचर्स, शिक्षाविद्, एनजीओ, किसान, उद्यमी एक ही मंच पर इकट्ठे हुए। इन सभी ने स्टेविया पौधे के लाभ, महत्व और इसके द्वारा स्वास्थ्य, कृषि, उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गहन चर्चा की। इस आयोजन में विभिन्न देशों अमेरिका, कनाडा, मलेशिया के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
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वक्ताओं ने कहा कि स्टेविया पौधे की पत्तियां काफी मीठी होती हैं। इसमें चीनी से 300 गुना से अधिक मिठास होती है, फिर भी इसके रस में जीरो प्रतिशत शूगर लेवल होता है। इससे भी अधिक इसकी खेती के लिए गन्ने की अपेक्षा पानी की भी बहुत कम जरूरत होती है। स्टेविया ब्लड ग्लूकोज के लेवल को नियंत्रित करने में मदद करती है।
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एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल ने डायबिटीज को विभिन्न घातक बीमारियों की जननी बताया और इस बात पर जोर दिया कि स्टेविया को शूगर की जगह अपनाया जाए।
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