जांच में एक नई बात सामने आई है कि जब पंजाब पुलिस के जवान अमृतपाल सिंह की तलाश में महितपुर व आसपास के इलाकों का चप्पा-चप्पा छान रहे थे, तो पपलप्रीत व अमृतपाल सिंह दोनों जुगाड़ रेहड़े पर बाइक रखकर पंक्चर लगवाने के लिए एक दुकान पर गए थे। वहां पपलप्रीत सिंह ने जुगाड़ रेहड़े पर बैठकर खुद अमृतपाल सिंह के साथ फोटो करवाई थी।
पपलप्रीत ने अपना मोबाइल जुगाड़ रेहड़े वाले को देकर कहा था कि जरा उनका एक फोटो क्लिक कर दे। रेहड़े वाले ने दोनों का फोटो खींचने के बाद मोबाइल पपलप्रीत को वापस कर दिया था। अब पपलप्रीत ने यह फोटो वायरल कर दिया है। यह फोटो पपलप्रीत ने किसको भेजा और यह आगे कैसे वायरल हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
उधर, अलगाववादी नेता अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने दो दिन पहले चंडीगढ़ में एक सड़क किनारे ''फ्री अमृतपाल'' लिख दिया। इसको लेकर हंगामा मच गया। आनन-फानन दीवार पर लिखे शब्दों को सफेद पेंट से ढक दिया है। अब पुलिस उन शरारती तत्वों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इसे लिखा है।
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सेक्टर-33/45 की डिवाइडिंग रोड की दीवार पर वारिस पंजाब के प्रमुख अमृतपाल के समर्थन में ''फ्री अमृतपाल'' का स्लोगन लिखा गया था। इसका वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया था। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और शब्दों को पेंट किया गया।
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इस मामले में अब कार्रवाई करने की भी मांग होने लगी है। चंडीगढ़ युवा दल ने इससे संबंधित जानकारी ट्विटर के माध्यम से एसएसपी से सांझा की और ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कहा गया कि यह चिंता का विषय है, क्योंकि कुछ माह पहले भी सेक्टर-42 की फर्नीचर मार्केट स्थित बेअंत सिंह मेमोरियल के बोर्ड की दोनों तरफ कुछ शरारती तत्वों ने विवादित नारे लिख दिए थे। ये नारे नीले रंग के स्प्रे से लिखे गए थे। उस समय भी चंडीगढ़ पुलिस की तरफ के कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली।