यूथ अकाली दल ने शनिवार को जालंधर से कांग्रेस के सांसद मोहिंदर सिंह केपी की कोठी के समक्ष घेराव कर धरना दिया। हालांकि धरने में सीनियर लीडरशिप की गिनती अधिक थी।
धरने का नेतृत्व अकाली दल के पूर्व जिला प्रधान गुरचरण सिंह चन्नी ने किया। इसमें एसजीपीसी मेंबर कुलवंत सिंह मन्नण व परमजीत सिंह रायपुर भी शामिल हुए। चन्नी ने कहा कि अगर राहुल गांधी सिख दंगों में संलिप्त नेताओं के नाम जानते हैं तो वे उन नेताओं के नामों को सर्वजनिक करें।
चन्नी ने कहा कि 1984 में हुए दंगों में प्रभावित लोगों की जिंदगी आज तक दरुस्त नहीं हो सकी है। मगर, इन दंगों में संलिप्त नेताओं को सजा न हो, इसके लिए कांग्रेस ने पूरा जोर लगा रखा है। दंगों में आरोपी नेताओं को कांग्रेस बचा रही है। प्रभावित परिवार लगातार इंसाफ के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
चन्नी ने कहा कि अब लोकसभा चुनाव नजदीक आ चुके हैं तो कांग्रेस ऐसी बातें कर सिख वोटर को लुभाने का प्रयास कर रही है। इस मौके जालंधर शहरी से यूथ अकाली दल की प्रधानगी के दावेदार प्रिंस सनन में भी काफी जोश दिखा। इस मौके पर प्रिंस सनन ने कहा कि प्रभावित परिवारों को इंसाफ नहीं मिला है।
इस मौके सुभाष सोंधी, प्रिंस सन्न, गुरप्रीत सिंह खालसा, रणजीत सिंह राणा, परमिंदर कौर पन्नी, चरणजीव सिंह लाली, बिशनदास सहोता, दिलबाग सिंह, गुरदेव सिंह, राजबीर सिंह शेंटी मौजूद थे।