जिला सचिवालय में कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह ने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों से बैठक कर धान खरीद प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसानों को बिना वजह परेशानी बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कंबाइन मालिकों को रात को या हरा धान न काटने और आढ़तियों को भी अधिक नमी वाला धान न उतारने की हिदायत दी।
कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह ने बताया कि किसानों को मंडियों में कोई मुश्किल नहीं आने दी जाएगी। धान खरीद के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हर एक जिले में सीनियर आईएएस अधिकारी को धान खरीद प्रबंधों पर निगरानी रखने के लिए ऑब्जर्वर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पीने के साफ पानी और रोशनी के जरूरी प्रबंध किए जाने के लिए भी हिदायतें दीं गई हैं।
उन्होंने जिले में 76 प्रतिशत धान की खरीद होने का दावा करते हुए बताया कि रविवार शाम तक 27,531 मीट्रिक टन में से 20,913 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। इसमें से पनग्रेन ने 9,719 मीट्रिक टन, मार्कफेड ने 4,836 मीट्रिक टन, पनसप ने 3,534 मीट्रिक टन, पंजाब राज्य गोदाम निगम ने 1,970 मीट्रिक टन, पंजाब एग्रो ने 376 मीट्रिक टन और प्राइवेट व्यापारियों ने 478 मीट्रिक टन धान की खरीद की है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तीन सालों से गेहूं-धान की खरीद से हाथ पीछे खींच रहा हो लेकिन इस साल निगम को जिले से 12 प्रतिशत धान खरीद करने का लक्ष्य दिया गया है। पंजाब में एक अक्तूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होने से 10 दिन बाद एफसीआई ने जिले की मंडियों से खरीद शुरू न करने की जिला खाद्य एवं सप्लाई कंट्रोलर रजनीश कुमारी ने पुष्टि की है।
एडीसी अजय सूद ने बताया कि सभी एसडीएम को मंडियों में खुद जाकर किसानों की समस्याओं की तरफ ध्यान देने के आदेश आदेश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस को रात के समय कंबाइनों से धान की फसल काटने या किसानों की ओर से पराली को आग लगाने पर पूरी निगरानी रखने के लिए आदेश दिए गए हैं।
मौके पर जिला मंडी अफसर जसवीर कौर, सहायक कमिश्नर (जनरल) अनीता दर्शी, एसपी (स्थानिक) जसविंदर सिंह घारू, जिले के एसडीएम तहसीलदार पवन कुमार गुलाटी के अलावा आढ़तियों, चावल मिल मालिक और किसान जत्थेबंदियों के नेता भी उपस्थित हुए।