जालंधर। कोरोना महामारी के दौरान मरीजों की देखभाल के लिए रखे गए पैरा मेडिकल स्टाफ व कोरोना वालंटियर को सरकार व जिला प्रशासन ने अब बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। दूसरी तरफ पैरा मेडिकल स्टाफ व कोरोना वालंटियर ने भी जिला प्रशासन व सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनको नौकरी से निकाला गया तो वह डीसी तर फ्में आकर खुद को आग लगाकर आत्मदाह कर लेंगे।
अपनी नौकरी जाने से गुस्साए पैरा मेडिकल स्टाफ के सदस्यों व कोरोना वालंटियर ने डीसी दफ्तर में सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पैरा मेडिकल स्टाफ की प्रिया ने कहा कि कोरोनाकाल में 50 हजार रुपये सैलरी लेने वाले अधिकारी घर में बैठे थे व हम अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। हमने व कोरोना वालंटियर ने मरीजों की मृतक देह के संस्कार तक किए, लेकिन सरकार व प्रशासन ने इसका सिला नौकरी से निकाल कर दिया है। मार्च में ज्वाइनिंग करवाई और 3 माह बाद निकाल दिया गया। उन्होंने साफ कहा कि अगर उनकी सुनवाई न हुई तो वह डीसी दफ्तर में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा आत्मदाह कर लेंगे।