पंजाब के कपूरथला में सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह सिविल अस्पताल के आर्थो डॉक्टर तुषार आहलूवालिया पर पैर का पलस्तर कटवाने के लिए उसे वेल्डिंग वाले के पास भेजने का आरोप लगाया है। इसके बाद सिविल अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा गया। मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुंच गया है। उधर, डॉ. तुषार ने आरोपों को गलत बताया और कहा कि महिला ने बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया है।
वायरल वीडियो के अनुसार समीपवर्ती गांव काला संघिया निवासी एक महिला ने कहा कि वह सिविल अस्पताल में पैर के फ्रैक्चर का उपचार करवाने डॉ. तुषार के पास गई। उन्होंने लाइटवेट पलस्तर बाहर से लाने को कहा। दो-तीन दिन पहले जब वह पलस्तर कटवाने डॉ. तुषार के पास गई तो उन्होंने पलस्तर काटने के बजाय उसे वेल्डिंग या एल्युमीनियम वाले से कटवाने को कह दिया।
महिला का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया है। महिला वीडियो में सिविल अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टर के खिलाफ उचित एक्शन की मांग कर रही है। सिविल अस्पताल के आर्थो स्पेशलिस्ट तुषार आहलूवालिया ने आरोपों को खारिज दिया। उन्होंने कहा कि महिला के आरोप बिल्कुल गलत हैं।
उन्होंने कहा कि डेढ़ माह पहले महिला पैर के फ्रैक्चर का उपचार करवाने आई थी। उसे पीओपी और लाइटवेट पलस्तर दोनों के बारे में बताया गया था। पीओपी तो अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं लेकिन यह हैवी होने की वजह से महिला ने खुद ही लाइटवेट पलस्तर करवाने पर सहमति जताई थी। इसे मरीज को लाना पड़ता है। उसने बाहर से लाकर पलस्तर करवा लिया।
दो-तीन पहले वह पलस्तर खुलवाने आई लेकिन उस समय अस्पताल का कटर खराब था तो उसे दो-तीन दिन इंतजार करने या फिर निजी तौर पर कटवाने की सलाह दी। मैंने उदाहरण के तौर पर कहा था कि एल्युमीनियम और वेल्डिंग वाले जो कटर इस्तेमाल करते हैं, उस तरह के मेडिकल कटर से ही लाइटवेट पलस्तर कटेगा लेकिन महिला ने बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया।
एसएमओ डॉ. संदीप धवन ने कहा कि मामले की जांच कर रहे हैं। सिविल अस्पताल का मेडिकल कटर एक सप्ताह से खराब है। इस कटर में ऑटो कट की सुविधा होती है। शरीर से टच होते ही कटर रुक जाता है लेकिन महिला ने डॉक्टर की बात को अलग तरीके से समझा है। उसे गलतफहमी हुई है। फिलहाल जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।