पठानकोट। क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा के कत्ल का मुख्य आरोपी बरेली से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में कुल 14 में से 10 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। अब 11वें आरोपी को बरेली एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। अब मामले में पुलिस को तीन की तलाश है। पठानकोट पुलिस की टीम पकड़े गए आरोपी को लाने के लिए बरेली रवाना हो गई है। इसकी पुष्टि पठानकोट के एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने की है। बता दें कि पकड़े गए आरोपी छज्जू की पूरे प्रकरण में मुख्य भूमिका रही है। छज्जू पहले से ही इस इलाके को काफी अच्छे से जानता था। उसने लंबे समय तक माधोपुर के आसपास के रेकी की और आरोपी रशीद, नौसो, जुबराना, वाफीला और तवज्जल बीबी से माधोपुर और थरियाल में रेकी करवाई। बाद में वारदात के समय छज्जू ने सक्रिय भूमिका निभाई। वारदात के बाद छज्जू अहमदाबाद चला गया। अब मामला ठंडा पड़ा देख वह अपने गांव उत्तर प्रदेश के जिला बरेली गांव बहेड़ी आया था। बरेली पुलिस को सूचना मिली तो उसे काबू कर लिया गया। मामले में कुल 14 लोग शामिल थे। इनमें से 11 को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि, राशिद उर्फ चलदा-फिरदा, जुबराना निवासी पिलाना (जिला झुंझनू, राजस्थान) और वाफीला निवासी झुग्गियां बाईपास, सूरजपुर अब भी फरार हैं। एसएसपी पठानकोट सुरेंदर लांबा ने बताया कि हत्याकांड के मुख्य आरोपी छैमार उर्फ छज्जू को बरेली में गिरफ्तार किया गया है। पठानकोट से पुलिस पार्टी रवाना हो चुकी है। सोमवार शाम तक आरोपी को पठानकोट लाया जाएगा। पूछताछ में कई खुलासे होंगे।
यह है मामला
गत वर्ष 19-20 अगस्त की रात करीब ढाई बजे गांव थरियाल में लुटेरे क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा और सरकारी ठेकेदार अशोक कुमार के मकान के पीछे खेतों में सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़े और सो रहे रैना के फूफा अशोक कुमार, उनके दोनों बेटों कौशल और अपन पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने बेसबॉल बैट और रॉड से हमला किया। उनको बेहोशी की हालत में छोड़ लुटेरे सीढ़ियों से नीचे मकान में उतरे और अंदर लेटी रैना की बुआ आशा देवी और उसकी सास सत्या देवी पर भी हमला कर दिया। उसके बाद लुटेरों ने घर में रखा कैश, जेवर व अन्य सामान लूटकर उसी रास्ते लौट गए। सुबह दूध देने आए व्यक्ति को कराहने की आवाज आई तो लोगों को इकट्ठा कर दरवाजा तोड़ा गया। तब तक अशोक कुमार की मौत हो चुकी थी। 2 दिन बाद कौशल कुमार ने भी दम तोड़ दिया। जबकि, हमले में गंभीर घायल सुरेश रैना की भुआ आशा देवी और अपन कुमार को ठीक होने में लंबा समय लग गया।