जालंधर। अनाधिकृत कालोनियों को रेगुलर करने की घोषित नीति का कॉलोनाइजरों ने विरोध शुरू कर दिया है। शनिवार को कॉलोनाइजरों ने सुबह ही स्थानीय निकायमंत्री भगत चुनी लाल को उन्हीं के निजी आवास पर घेर लिया। पहले तो कॉलोनाइजरों ने जमकर नारेबाजी की फिर मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। प्रापर्टी का कारोबार करने वाले लोगों ने सरकार को प्रचंड प्रदर्शन की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि 15 जुलाई को तहसील कांप्लेक्स में कोई काम नहीं होने दिया जाएगा। मंत्री को ज्ञापन देने के लिए कॉलोनाइजर उनके घर पहुंचे और मंत्री को बाहर बुलाया। तभी कॉलोनाइजर रुपिन्दर सिंह गिल ने सवालिया लहजे से पूछा कि क्या 15 लाख रुपये प्रति एकड़ टैक्स जायज है। सवाल पर मंत्रीजी भड़क गए। उन्होंने कहा कि आप पत्रकार नहीं हैं कि मैं आपके सवाल का जवाब दूं। इस सवाल को सुनते ही गिल ने भी कहा कि पत्रकार ही नहीं बल्कि जनता को भी जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने का अधिकार है।
जेपी नगर स्थित भगत चुनी लाल के निजी निवास पर शनिवार सुबह बड़ी संख्या में पहुंचे कॉलोनाइजरों ने धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जैसे ही सवाल पूछा गया तो स्थानीय निकायमंत्री नाराजगी जाहिर करते हुए घर के भीतर चले और दरवाजा बंद कर दिया। मंत्री के इस रवैये से गुस्साए कॉलोनाइजरों ने मंत्रीजी और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि वह कॉलोनाइजरों की इस आपत्ति को भाजपा की कोर कमेटी और निजी रूप में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सामने उठाएंगे। उन्होंने रजिस्ट्री पर लगी रोक का मामला भी सरकार के समक्ष उठाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों को जल्द हल कर दिया जाएगा।
धरनाकारियों में मेजर सिंह, पार्षद सुशील रिंकू, हरसिमरनजीत सिंह, अमित ढल्ल, महिन्दर सिंह गुल्लू, कांग्रेस नेता राजिन्दर बेरी, डिप्स ग्रुप के प्रबंधक निदेशक तरविन्दर सिंह राजू, एमएस लैंड डेवलपर्स से अमरजोत सिंह, जोगिन्दर सिंह, अश्विनी गुप्ता, अनिल गुप्ता, निशांत गुप्ता, दीपक कुमार, जसविन्दर सिंह बाली, अमरीक सिंह, संजीव हांडा, त्रिवेणी मल्होत्रा और लाभ सिंह ने कहा कि अगर पंजाब सरकार ने इस पॉलिसी को वापस न लिया तो वह सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंधी पंजाब कॉलोनाइजर एंड प्रापर्टी डीलर एसोसिएशन की ओर से स्टेट स्तर का धरना रविवार को बटाला में दिया जा रहा है। इसी विरोध में 15 जुलाई को जालंधर में कॉलोनाइजर तहसील में होने वाली सभी कार्यों का विरोध करेंगे।