जालंधर। पंजाब एंड सिंध बैंक रेरू शाखा में हुई लॉकरों की लूट में पीड़ित लॉकर धारकों को इंसाफ मिलने की उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। बैंक प्रबंधन ने आठ जून तक का पीड़ित परिवारों से समय मांगा था लेकिन इंसाफ न मिलने से खफा लोगों ने शनिवार को बैंक के मुख्य गेट पर धरना दिया। लॉकर धारकों ने बैंक स्टाफ को बैंक में नहीं जाने दिया। इस कारण बैंक सुबह 11.30 बजे तक नहीं खुल सका। आखिर बैंक प्रबंधन ने अपने जोनल मैनेजर एसएस तूली को मौके पर बुलाया, जिन्होंने पुलिस की मदद से परिवारों से 1 जुलाई तक का समय मांगा। इस पर पीड़ित परिवारों ने कहा कि अगर इस तिथि के बाद भी उनके नुकसान की भरपाई न हुई तो वह जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे को जाम कर देंगे। इस डकैती में जिन लोगों के लॉकर टूटे थे, उन परिवारों का कहना है कि बैंक ने पहले उनसे 3 मई तक का समय मांगा था, इसके बाद 8 जून का समय मांगा गया और अब 1 जुलाई का समय मांगा गया है। शनिवार को धरने पर बैठी आशा रानी, प्रीतम कौर, तेजिन्दर कौर, अनुराधा, कर्मजीत कौर, मनजीत कौर और विक्रम सिंह खैरा ने बताया कि अगर उन्हें जल्द मुआवजा न दिया गया तो वह अपने संघर्ष को तेज करेंगे।
धरने की खबर मिलते ही थाना आठ के प्रभारी केवल किशन और महिला पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस के कई बार समझाने पर भी लोगों ने धरना नहीं उठाया। करीब 11.00 बजे असिस्टेंट जोनल मैनेजर एसएस तूली पहुंचे तो उन्होंने कहा कि बोर्ड डायरेक्टर के रिटायर होने और जोनल मैनेजर एसएस कालड़ा की पटियाला बदली होने के कारण अभी तक लोगों को मुआवजा नहीं मिल सका है। जोनल स्तर पर मुआवजे की लिस्ट बना बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को भेज दी गई है। इस लिस्ट पर माह में होने वाली बैठक में प्रवानगी की मोहर लग जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि 1 जुलाई तक लॉकर धारकों को मुआवजा मिल जाएगा। उधर, निर्मल सिंह का कहना है कि अगर 1 जुलाई को भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो वह हाईवे को जाम कर देंगे। इसके बाद धरना उसी समय हटेगा, जब उन्हें मुआवजा मिल सकेगा।