नूरमहल। एनआरआई की जमीन को गोलमाल करने वाले नायब तहसीलदार समेत कई लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। नायब तहसीलदार पहले ही इस घोटाले के चक्कर में फंसकर सस्पेंड किए जा चुके हैं। शिकायतकर्ता लंबे समय से आपराधिक केस दर्ज करने की मांग कर रहा था लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उसकी सुनवाई नहीं की। इसके बाद वह हाईकोर्ट चला गया, जहां पर मामला पहुंचते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया।
यूके के रहने वाले अवतार सिंह ने नूरमहल स्थित अपनी जमीन का मुख्तयारनामा मंजीत कौर नामक महिला के नाम पर किया था। इस मुख्तयारनामा में जिक्र था कि जमीन के कानूनी केस व झगड़े में मंजीत कौर अवतार सिंह की बिनाह पर पेश होकर कार्रवाई कर सकती है। इस मुख्तयारनामा में जमीन को बेचने की कोई भी पॉवर मंजीत कौर को नहीं दी गई थी। पर मंजीत कौर ने कानूनी केस लड़ने के लिए ली गई पॉवर ऑफ अटार्नी का इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्टरी अपने पिता व बेटी जसप्रीत कौर के नाम पर करवा दी। नायब तहसीलदार मुख्तियार सिंह इस सेल डीड को रजिस्टर कर दिया। इस मामले में मुख्तियार सिंह ने पॉवर ऑफ अटार्नी को जानबूझकर नहीं जांचा क्योंकि अटार्नी कानूनी केस की थी, बेचने की नहीं।
पूरे मामले की शिकायत मिलने के बाद एसडीएम फिल्लौर इसकी उच्चस्तरीय जांच कर रहे थे। इसकी रिपोर्ट में मुख्तियार सिंह दोषी पाए गए, जिसके बाद उसको सस्पेंड कर दिया गया। अवतार सिंह का आरोप था कि इस केस में मुख्तियार सिंह ने मोटा पैसा खाया है और उसकी जमीन को गोलमाल कर दिया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि इस मामले में दो माह के अंदर रिपोर्ट की जाए। इसके बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सारे आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।