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बादल साहब ने अच्छा नहीं किया : मोहम्मद सदीक

Tue, 10 Jul 2012 12:00 PM IST
Jalandhar
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दसूहा (होशियारपुर)। मैं तां राजनीति च हाले बच्चा हां, पर बादल साहब दी तां उमर ही एस विच्च लंघी है। इस करके ओहनां मेरे नाल जो वी कीता ओह ओहनां नूं शोभा नहीं दिंदा।
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नामचीन पंजाबी लोक गायक व कांग्रेस विधायक मोहम्मद सदीक ने विधानसभा में उनके गीत गाने के बाद हुए हंगामे को लेकर इन लफ्जों में अपना हालेदिल बयान किया। अमर उजाला से बातचीत में सदीक ने कहा कि बेशक लोकगीतों में वे वही आला मुकाम रखते हैं जो राजनीति में बादल साहब को हासिल है, लेकिन वे राजनीति में बिल्कुल नए हैं। उनका कहना था कि बादल साहब की वे बहुत इज्जत करते थे क्योंकि पंजाब की राजनीति में वे सबसे बुजुर्ग हैं। मोहम्मद सदीक ने कहा कि पहले खुद ही उन्हें मुख्यमंत्री बादल ने विधानसभा में गीत गाने को कहा और फिर खुद ही इसे बेमतलब का मुद्दा बनाकर उनकी फजीहत पर उतारू हो गए। सदीक ने कहा कि ये सब करके बादल साहब ने अच्छा नहीं किया। बादल साहब की तो राजनीति में ही उम्र गुजरी है और उन्हें सदन के रस्मो रिवाज के बारे में पता था जबकि वे तो अभी नए-नए आए हैं। सदीक ने कहा कि ये सब करके बादल साहब ने मेरी नजरों में अपना स्थान ही गंवाया है। परमात्मा ने मेरी लाज रखी और मैंने गीत भी देशभक्ति का ही गाया जिसके बोल थे ‘हिंदोस्तान दी मुंदरी च नग पंजाब दा है’। इस गीत में बाबा नानक का पंजाब बनाने की बात थी जिसका इन्होंने मजाक बनाया क्योंकि बादल बाबा नानक का पंजाब नहीं बनाना चाहता बल्कि पंजाब पर अपना कब्जा करना चाहते हैं।
बादल और उनके साथियों द्वारा इस मामले को मजाक करार दिए जाने पर सदीक का कहना था कि मजाक हमेशा बराबर वालों से ही किया जाता है। उनका कहना था कि बादल साहब तो राजनीति में बुजुर्ग हैं जबकि वे अभी राजनीति में छोटे बच्चे हैं। हमारी संस्कृति में बड़े का बच्चे से या बच्चे का बड़े से मजाक करने की कोई परंपरा नहीं। लिहाजा बादल साहब की यह बात भी जंचती नहीं क्योंकि किसी बड़े का बच्चे से मजाक करना ठीक नहीं है।
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