शिक्षकों का आंगनबाड़ी सेंटरों में पढ़ाने से इंकार
कोई भी शिक्षक आंगनबाड़ी सेंटर में जाकर प्री-प्राइमरी क्लास नहीं लेगा : शिक्षा बचाओ मंच
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
कैप्टन सरकार के सामने अब प्राइमरी स्कूलों के शिक्षक संगठन शिक्षा बचाओ मंच ने आंगनबाड़ी सेंटरों में जाकर पढ़ाने से इंकार करके नई परेशानी खड़ी कर दी है। मंच के नेताओं ने एलान किया है कि कोई भी अध्यापक आंगनबाड़ी सेंटर में पढ़ाने नहीं जाएगा और जो बच्चे स्कूल में चलने वाली प्री-नर्सरी क्लास में दाखिल होंगे, सिर्फ उन्हीं बच्चों को ही पढ़ाएंगे।
पंजाब स्कूल शिक्षा बचाओ मंच के नेता जसविंदर सिंह सिद्धू, हरजिंदरपाल सिंह पन्नू, प्रगटजीत सिंह, जगसीर सिंह घारू, अमरजीत सिंह कंबोज, निशांत कुमार, बलदेव सिंह बुट्टर, मक्खन सिंह,, ईश्वर सिंह, बाज सिंह खैहरा का कहना है कि वह आंगनबाड़ी सेंटर का विरोध नहीं कर रहे है। सरकारी स्कूलों में प्री-नर्सरी क्लासें शुरू करने से पहले भी सरकार को पता था कि आंगनबाड़ी सेंटर चल रहे हैं। सरकार कांट्रेक्ट पर रखकर पहले ही उनका शोषण कर रही है और अगर सरकार चाहती है कि वह यह जिम्मेदारी उठाने तो सरकार सबसे पहले उनको नर्सरी क्लासों पर रेगुलर करे और पूरा ग्रेड दे।
नेताओं का कहना है कि वह सरकार के इस फैसले का डटकर विरोध करते हैं। सरकार बच्चों को स्तरीय शिक्षा देने से भाग नहीं सकती है और स्तरीय शिक्षा सिर्फ प्राइमरी स्कूलों में ही रहकर पूरी की जा सकती है। बच्चों की नींव प्राइमरी स्कूलों से ही बननी है और सरकार बच्चों और अध्यापकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करे, जो प्री-नर्सरी कक्षाएं शुरू करने के लिए अपना दिन रात एक कर रहे हैं। संगठन ने प्री-प्राइमरी कक्षाएं अपने स्कूलों में ही रहकर पढ़ाने का फैसला लिया है। कोई भी प्राथमिक अध्यापक आंगनवाड़ी में जाकर नहीं पढ़ाएगा।