विधायक पर झूठे मामले दर्ज कराने का आरोप
विधायक बोले, पुलिस जांच के बाद हुआ मामला दर्ज, उनका कोई लेना-देना नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह उन पर बेवजह राजनीतिक दबाव बना रहे हैं। हम सभी आर्थिक रूप से कमजोर हैं, इसलिए विधायक राजनीतिक रूप से उन्हें दबाना चाहते हैं। इन बातों का प्रग्टावा गुरुवार को एक प्रेसवार्ता दौरान मिट्ठापुर गांव के लोगों ने किया। इस बारे में बताते हुए मोहन लाल, गुरदयाल सिंह, अशोक कुमार व अन्य ने कहा कि राजनीतिक धक्केशाही के तहत उन पर दर्ज झूठे मुकद्दमों को दोबारा खोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस कमिश्नर व उप पुलिस कमिश्नर से मामले की सही जांच कराने की मांग भी की है।
प्रेस कांफ्रेंस में इन लोगों ने कहा कि वह परगट सिंह के गांव मिट्ठापुर के निवासी हैं। पिछली सरकार के समय जब परगट सिंह अकाली दल की टिकट पर चुने गए थे तो उन्हें जिताने के लिए गैल व उसके परिवार ने काफी मदद की थी। पिछले विधानसभा चुनाव में परगट सिंह अकाली दल छोड़कर कांग्रेस में चले गए, लेकिन गांव वालों ने फैसला किया कि वह अकाली दल में ही रहेंगे। गांव वालों ने अकाली उम्मीदवार सरबजीत सिंह मक्कड़ का साथ दिया। अब नगर निगम चुनाव आने पर गुरमेल सिंह के परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह कांग्रेस में आ जाएं। गुरमेल सिंह के ऐसा करने पर परगट सिंह की तरफ से केस में झूठा बयान करवाकर, उसको अंदर कराने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान मोहन लाल ने कहा कि वह इस संबंधी में अकाली नेतृत्व से मिले हैं व मामले में दखल देकर इंसाफ की मांग की है।
मुख्य आरोपी के बयान पर दर्ज हुआ मामला : विधायक
इस बारे में विधायक परगट सिंह का कहना है कि उक्त व्यक्ति पर मुख्य आरोपी के बयान पर ही पुलिस जांच के बाद ही पर्चा दर्ज किया गया है। इसमें उनका कोई दबाव नहीं है। साल 2015 में पर्चा दर्ज हुआ था, वह व्यक्ति अब पकड़ा गया है। अब 2017 में चौकी 7 में उक्त व्यक्ति पर 129 नंबर पर्चा दर्ज किया गया है। पुलिस अपना काम कर रही है, उनका इस केस से कोई लेना देना नही है।