‘बिना मजिस्ट्रेट की इजाजत के धरनाकारियों पर हुई थी फायरिंग’
कोटकपूरा गोलीकांड : अदालत में दोनों पक्षों ने दिखाए घटनाक्रम के वीडियो क्लिप
आईजी परमराज सिंह उमरानंगल के पुलिस रिमांड में तीन दिन की बढ़ोतरी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। अक्तूबर 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े कोटकपूरा गोलीकांड में चार दिन के पुलिस रिमांड के बाद आरोपी आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को एसआईटी ने शनिवार स्थानीय जेएमआईसी एकता उप्पल की अदालत में पेश किया। एसआईटी ने अदालत से आईजी का रिमांड 10 दिन बढ़ाए जाने की मांग रखी। दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद अदालत ने रिमांड को 26 फरवरी तक बढ़ाने के आदेश दिए। शनिवार को दोबारा अदालत में पेशी के दौरान सरकारी पक्ष ने दावा किया कि उमरानंगल जांच में किसी तरह का कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं और एसआईटी को अभी उनसे घटना वाले दिन फोन पर हुई उनकी बातचीत के बारे में पूछताछ की जानी बाकी है।
सरकारी पक्ष ने यह भी दावा किया कि एसआईटी जांच में सामने आया है कि उस दिन कोटकपूरा में धरनाकारियों पर पुलिस ने बिना मजिस्ट्रेट के इजाजत के गोलियां दागी थी। घटना सुबह करीब सात बजे की है, जिसके संबंध में थाना सिटी कोटकपूरा पुलिस ने करीब पौने चार घंटे बाद प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज किया था। इसमें पुलिस ने बल उपयोग करने के बारे में किसी मजिस्ट्रेट से इजाजत लेने का कोई उल्लेख नहीं किया। इसके अलावा यह भी सामने आया कि उस दिन घटनास्थल पर तैनात एसडीएम ने पुलिस को सिर्फ हवाई फायर की इजाजत दी थी लेकिन पुलिस ने धरनाकारियों पर सीधी फायरिंग कर दी। सरकारी पक्ष का आरोप है कि घटना स्थल से संबंधित मुख्य चौक में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे जिसका कंट्रोल थाना सिटी में था लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उस दिन की फुटेज को ही नष्ट करवा दिया। एसआईटी ने किसी और व्यक्ति से मिली एक वीडियो फुटेज भी अदालत को दिखाई जिसमें पुलिस द्वारा घटना के प्रमुख गवाह अजीत सिंह पर गोलियां चलाई जाती दिख रही हैं। इसी गवाह के बयान पर पिछले साल 7 अगस्त को कोटकपूरा की घटना में अज्ञात पुलिस अधिकारियों पर इरादा ए कत्ल का केस दर्ज किया गया था। एसआईटी के दावे पर एतराज जताते हुए बचाव पक्ष के वकीलों ने भी अदालत को एक वीडियो दिखाई जिसमें प्रदर्शनकारी तलवारें लहरा रहे हैं और पुलिस पर हमला करने के मूड में दिख रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कोटकपूरा और बहिबलकलां गोलीकांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 18 फरवरी को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर लुधियाना और आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को गिरफ्तार किया था। अगले दिन 19 फरवरी को आईजी को पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड पर लिया गया।
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फरीदकोट अदालत में पेशी के बाद बाहर निकलते आईजी परमराज सिंह उमरानंगल
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