पूर्व विधायक बराड़ ने जिला अदालत से मांगी ब्लैंकेट बेल
कोटकपूरा गोलीकांड में गिरफ्तारी की आशंका, 5 मार्च को होगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। कोटकपूरा गोलीकांड में दो बार एसआईटी की पूछताछ का सामना कर चुके कोटकपूरा के पूर्व विधायक और शिअद के जिलाध्यक्ष मनतार सिंह बराड़ ने शुक्रवार को जिला एवं सेशन जज की अदालत में ब्लैंकेट बेल हासिल करने के लिए याचिका दायर की है। उनकी इस याचिका जिला एवं सेशन जज हरपाल सिंह की अदालत ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए 5 मार्च की तारीख तय की है।
जानकारी के अनुसार बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामले की पड़ताल कर रही एसआईटी द्वारा कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके आधार पर एसआईटी ने पिछले साल 9 नवंबर को मनतार सिंह बराड़ से पूछताछ की थी। दो दिन पहले बुधवार को उन्हें दोबारा तलब करके फरीदकोट कैंप आफिस में करीब सात घंटे तक पूछताछ की गई। जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने अपनी रिपोर्ट में मनतार सिंह बराड़ की भूमिका पर कई तरह के सवाल खड़े किए थे। आयोग के अनुसार घटना वाले दिन 14 अक्तूबर 2015 को मनतार सिंह बराड़, डीजीपी पंजाब व मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गगनदीप सिंह बराड़ के साथ संपर्क में थे और उस दिन उनकी गगनदीप सिंह बराड़ के साथ चार बार फोन पर बात हुई। आयोग के पास तत्कालीन एसडीएम फरीदकोट वीके सियाल ने भी दावा किया था कि उस दिन मनतार सिंह बराड़ ने मुख्यमंत्री से कहा था कि कोटकपूरा के हालात काफी खराब हो चुके है और यदि कोई कार्रवाई न की गई तो धरनाकारियों की तादाद हजारों में पहुंच सकती है। फोन पर बात खत्म करने के बाद उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री डीजीपी से बात करके उन्हें निर्देश जारी करेंगे।
आईजी परमराज सिंह उमरानंगल सस्पेंड
पंजाब सरकार के गृह विभाग ने बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में एसआईटी द्वारा गिरफ्तार आईजी रूल्स एंड पालिसी परमराज सिंह उमरानंगल को सस्पेंड कर दिया है। आईजी की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी ने संबंधित अथॉरिटी के पास लिखित सूचना भेज दी थी जिसके आधार पर गृह विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई है। एसआईटी ने जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 18 फरवरी को आईजी उमरानंगल को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। सात दिन के पुलिस रिमांड के बाद 26 फरवरी को आईजी को न्यायिक हिरासत में पटियाला जेल भेज दिया गया था।