अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। ट्रेवल एजेंसी ईएसएस ग्लोबल के हरियाणा के करनाल स्थित दफ्तर के 3 कर्मचारियों ने 54 लाख की चपत लगा दी। कर्मचारियों ने विद्यार्थियों से पैसे लिए और कंपनी के खाते में जमा नहीं कराए। साथ ही उनका वीजा लगवाने के लिए अन्य कंपनियों को केस भेज दिए। कंपनी की शिकायत के बाद पुलिस ने चंडीगढ़ की रहने वाली प्रेरणा समेत तीन कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
ईएसएस ग्लोबल के डायरेक्टर रोहित सेठी ने पुलिस को शिकायत दी गई शिकायत में बताय कि उनकी ट्रेवल एजेंसी का करनाल में भी ऑफिस चल रहा है। वहां चंडीगढ़ निवासी प्रेरणा अरोड़ा को बतौर मैनेजर, वकीलपुरा सदर बाजार करनाल की इना अरोड़ा को वीजा काउंसलर व संत नगर के केशव शर्मा को काउंसलर रखा था। प्रेरणा अरोड़ा व उसके साथी स्टूडेंट्स से एडवांस पैसे लेते रहे और फिर उन्हें कंपनी के जरिये बाहर भेजने के बजाय उनके केस दिल्ली की बीसीईएस कंपनी व चंडीगढ़ की प्लेनेट एजुकेशन को भेज दिए।
इस घालमेल का पता तब चला जब करनाल से विशाल नाम का स्टूडेंट जालंधर पहुंचा। विशाल ने कहा कि उसने पैसा अदा किया है लेकिन उसका केस स्टेट्स क्या है, कुछ पता नहीं चल रहा है। जालंधर के हेड आफिस ने चेक किया तो पाया कि विशाल का आवेदन ईएसएस ग्लोबल से नहीं हुआ है, बल्कि अन्य कंपनी ने उसका स्टडी वीजा आवेदन किया हुआ है।
इसके बाद मामला उजागर हुआ और मैनेजर प्रेरणा अरोड़ा व उसके साथियों ने कितने स्टूडेंट्स के साथ ठगी की, इसके बारे में कंपनी के अधिकारी जांच में जुट गए हैं। बारादरी पुलिस ने ठगी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के पास मितेश नाम का स्टूडेंट बयान कलमबद्ध करवाने पहुंचा, जिससे 1 लाख एडवांस मांगे गए थे, उसने प्रेरणा को 40 हजार रुपए दिए। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और जल्द ही एक टीम करनाल व चंडीगढ़ रवाना की जा रही है ताकि आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके।