कश्मीरी युवकों ने पूछा हिमाचल का रास्ता, लोगों ने किया पुलिस के हवाले
एग्रीकल्चर कंपनी में काम करने वाले कश्मीरी युवकों से थाने में चार घंटे हुई पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। शहर के हाई अलर्ट एरिया सैन्य क्षेत्र मामून कैंट में जम्मू नंबर की गाड़ी में सवार कश्मीरी युवकों को अमृतसर और हिमाचल का रास्ता पूछना महंगा पड़ गया। लोगों ने पांचों युवकों को पकड़ पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, थाने में चार घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं सारे शहर में संदिग्ध पकड़े जाने की अफवाह से हड़कंप मच गया।
सैन्य सूत्रों के अनुसार सुबह करीब 9 बजे जम्मू-कश्मीर नंबर की सूमो में सवार पांच लोगों ने मामून मिलिट्री स्टेशन के पास बाजार में हिमाचल जाने का रास्ता पूछा, उनमें से एक युवक ने अमृतसर के बारे में भी पूछ लिया। लोगों ने शक के आधार पर उन्हें घेर लिया और आर्मी और पुलिस को सूचना दी। पुलिस सभी युवकों को पकड़ थाने ले गई और पूछताछ की।
जानकारी के मुताबिक सभी पांचों युवक लासीपोरा, पुलवामा बेस्ड कंपनी एचएन एग्री सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी थे और शिमला की एग्रीकल्चर कंपनी हर्ष के लिए काम करने जा रहे थे। सभी युवक पौधरोपण के लिए पुलवामा से शिमला जा रहे थे। रास्ता भटकने पर उन्होंने एक-दो लोगों से रास्ता पूछा, लेकिन पठानकोट में उनके हुलिए और भाषा से लोगों ने कश्मीरी होने का अंदाजा लगा लिया और संदिग्ध समझ पुलिस को सौंप दिया। सुबह 10 बजे से डेढ़ बजे तक चली पूछताछ के बाद युवक अपने गंतव्य की ओर रवाना हो पाए।
एसएचओ मामून हरप्रीत कौर ने बताया कि लोगों की सूचना के बाद युवकों को थाने लाकर गाड़ी के कागजात वेरिफाई किए गए, युवकों द्वारा बताई कंपनी के शिमला हेड ऑफिस से उनकी पड़ताल की गई और फिर छोड़ दिया गया।