सुखविंदर बाजवा का कहना है कि उन्होंने खुद बैंक से संपर्क किया और बैंक ने बताया कि दो करोड़ 40 लाख कर्ज बिल्डिंग पर है। सुखविंदर बाजवा का कहना है कि संजय शर्मा आनाकानी करने लगा। वह न पैसे लौटाने को तैयार था और न ही कर्ज उतारकर बिल्डिंग की रजिस्ट्री करवाने को। आखिरकार अहसास हुआ कि उनके साथ करोड़ों की ठगी कर ली गई है। इसके बाद संजय शर्मा कई नामवर व्यक्तियों का नाम लेकर धमकियां देने लगा तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर से की।
सात करोड़ में तय सौदे के बजाय मांगने लगा 12 करोड़
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने ठगी की जांच एसीपी हेडक्वार्टर विमलकांत को सौंपी। जांच के दौरान संजय शर्मा उनके समक्ष पेश हुआ लेकिन पैसे देने के लिए तैयार नहीं था और न ही रजिस्ट्री करवाने को। उल्टा वह कहने लगा कि अब उसकी बिल्डिंग की कीमत 12 करोड़ रुपये हो चुकी है। वह सात करोड़ में रजिस्ट्री नहीं करवाएगा।
एसीपी विमलकांत ने जांच के बाद संजय शर्मा के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की। दिल्ली से खास तौर पर जालंधर आए सुखविंदर बाजवा ने बताया कि कमिश्नर के आदेश के बाद डिवीजन नंबर छह में संजय कराटे स्कूल के संचालक संजय शर्मा के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्जकर लिया है। बाजवा ने मांग की है कि आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।