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तेईस वर्षों से शहीदी स्मारक के सम्मान की जंग लड़ रहे संजय वालिया

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23 वर्षों से शहीदी स्मारक के सम्मान की जंग लड़ रहे संजय वालिया
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शहर में लगी हाई मास्ट लाइटें, मगर स्मारक पर छाया रहता है अंधेरा
रिक्शा-रेहड़ी वालों का लगा रहता डेरा, स्मारक के सौंदर्यीकरण पर पड़ रहा प्रभाव
शहीद भगत सिंह क्लब ने की स्थायी तौर पर पुलिस कर्मी तैनात करने की मांग
जगदीश जोशी
मुक्तसर। शहीद भगत सिंह क्लब की ओर से जलालाबाद-टिब्बी साहिब रोड दोराहे के पास बना शहीदी स्मारक (शहीद भगत सिंह चौक) प्रशासन की अनदेखी से बदहाल है। स्मारक के पास लगी स्ट्रीट लाइटें खराब होने से अंधेरा छाया रहता है। वहीं शहीदी स्मारक के आसपास दिन में चारों तरफ टेंपू, रेहडिय़ों व रिक्शा वाले डेरा जमाए रहते हैं। जिससे स्मारक के सौंदर्यीकरण पर प्रभाव पड़ रहा है।
गौरतलब है कि क्लब की ओर से करीब 12 वर्ष पहले सियासी दखलंदाजी के चलते अधूरे पड़े स्मारक की पर्दा हटाने की रस्म अदा कर दी गई। प्रशासन की ओर से रेलवे पुल निर्माण में इस स्मारक को यहां से हटेाने के कई प्रयास किए गए। मगर क्लब शहीदी स्मारक के लिए प्रशासन से आज भी जंग लड़ रहा है।
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शहीद भगत सिंह क्लब के अध्यक्ष संजय वालिया ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि 2006 में सियासी दखल के कारण आनन-फानन में शहीदी स्मारक का अनावरण करना पड़ा। हालांकि ये स्मारक पूरा नहीं हुआ था। कई बार प्रशासन ने रेलवे पुल निर्माण के नाम पर इसे हटाने के प्रयास किए। मगर क्लब के नेतृत्व में शहरवासियों के प्रयास की जीत हुई। वालिया ने बताया कि वह करीब 23 वर्ष से शहीदी स्मारक के लिए प्रशासन से जंग लड़ रहे हैं।
अध्यक्ष वालिया ने कहा कि शहर में हर चौक-चौराहे पर नगर काउंसिल की ओर से हाई मास्ट लाइटें लगाई गईं हैं। लेकिन सिर्फ शहीदी स्मारक पर ये लाइटें नहीं लगाई हैं। यहां लगी स्ट्रीट लाइटें जहां खराब हैं, वहीं खंभे भी गले पड़े हैं। स्मारक के आसपास रेहड़ी वाले गंदगी फेंकते हैं। इस कारण लावारिस पशु मुसीबत को और बढ़ावा देते हैं। शहर का एकमात्र शहीदी स्मारक होने के बावजूद प्रशासन कोई सहयोग नहीं कर रहा। वालिया ने प्रशासन से यहां हाई मास्ट स्ट्रीट लाइटें लगाने, रेहड़ी-रिक्शा व टेंपो चालकों को यहां से हटाने और दोबारा रेहड़ियां हटाने की मांग की। इसके लिए एक पुलिस सुरक्षा कर्मी की पक्की तैनाती करने की मांग की है। वालिया ने कहा कि मार्च 1998 को नगर काउंसिल के मता नंबर 214 के तहत इस स्मारक का नाम शहीद भगत सिंह चौक रख दिया गया था। मगर करीब 20 वर्ष बीतने के बावजूद यहां काउंसिल ने शहीदी भगत सिंह चौक का एक बोर्ड तक नहीं लगवाया। जबकि शहर के विभिन्न चौक-चौराहों व गली-मोहल्लों में बोर्ड लगे हैं। इसलिए इस स्मारक के पास भी शहीद भगत सिंह चौक का बोर्ड लगा होना चाहिए।
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हाई मास्ट लाइट और बोर्ड लगवा देते हैं
क्लब की ओर से कभी लिखित तौर पर उनके सामने ये मुद्दा नहीं उठाया गया। मगर वो यहां हाई मास्ट लाइट और बोर्ड लगवा देंगे। - हरपाल सिंह बेदी, अध्यक्ष नगर काउंसिल मुक्तसर
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