कालोनाइजर के साथ आए प्रॉपर्टी डीलर
अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री बंद होने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री बंद होने से दुखी कालोनाइजर और प्रॉपर्टी कारोबारी सोमवार को एक मंच पर इक्कठे हुए। इस दौरान सभी ने एक सुर में कहा कि कैप्टन सरकार के इस फैसले पर 23 फरवरी को रोष प्रदर्शन करेंगे। फिर भी सरकार न जागी तो पंजाब बंद की घोषणा की जाएगी।
कालोनाइजरों ने कहा कि पंजाब सरकार ने सुविधाएं देने की बजाए और कठिन कर दी हैं, जिससे लोग अपने प्लाट की रजिस्ट्री ही नहीं करा सकते। लोगों ने हजारों रुपये जमा करवाने के बाद एनओसी हासिल की, अब सरकार ने प्लाटों की रजिस्ट्री ही बंद कर दी। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से 80 फीसदी तक रजिस्ट्रियों को कारोबार बंद हो गया हैं। कालोनाइजरों का कहना हैं कि डेवलेपमेंट चार्ज जमा किए जा चुका हैं। लोगों के पास प्लाटों की एनओसी हैं। अब सरकार प्रापर्टी बाजार और रिएल इस्टेट को पूरी तरह से चौपट करने में लगी हैं। मीटिंग में जालंधर के अलावा कपूरथला, फगवाड़ा, बटाला, होशियारपुर, लुधियाना इत्याजि जिलों से कलोनाइजर और प्रॉपर्टी कारोबारी मौजूद थे। इस मौके पर गुरविंदर सिंह, भुपिंदर सिंह, वरिंदर शर्मा, भारत भुषण, मुकेश, नरिंदर मित्तल आदि मौजूद थे।
विधायकों के चक्कर काटने पर भी मिला ठेंगा
रजिस्ट्री बंद होने की समस्या को लेकर जालंधर के सभी कालोनाइजरों ने विधायकों के चक्कर भी काटे थे। कोई भी विधायक उनकी समस्याओं को अभी तक दूर नहीं करवाया पाया। कालोनाइजर ने विधायक सुशील रिंकू, विधायक बाबा बैनरी, विधायक राजिंदर बेरी, विधायक परगट सिंह इत्यादि से मुलाकात की थी। बताया गया नगर निगम की हद में आती 358 कालोनियों की रजिस्ट्री बंद पड़ी हैं। इसलिए कालोनाइजरों और प्रॉपर्टी कारोबारियों से ज्यादा मुसीबत लोगों को झेलनी पड़ रही हैं।