सदर थाने की बैरक में युवक ने लगाया फंदा
-- पिता के कत्ल के आरोप में था बंदी
-- पुलिस ने तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, मगर तब तक तोड़ चुका था दम
-- सीजेएम की मौजूदगी में डाक्टरों के पेनल ने किया पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर। पिता की हत्या के आरोप में काबू किए गए युवक ने शुक्रवार देर शाम सदर थाने की बैरक में अपनी शर्ट से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। शनिवार सुबह सीजेएम की मौजूदगी में डाक्टरों के पैनल शव का पोस्टमार्टम किया।
गौरतलब है कि गांव संगूधौन में घरेलू कलह के चलते पारिवारिक सदस्यों ने मिलकर 45 वर्षीय जरनैल सिंह को खाने में जहरीली वस्तु खिलाने के बाद मारपीट कर उसकी हत्या कर दी थी। बाद में जरनैल सिंह के शव को बांधकर नहर में फेंक दिया था। बीते सोमवार से जरनैल के गायब होने के कारण उसके भाई रेशम सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस की जांच में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। पुलिस ने मृतक जरनैल सिंह की पत्नी बलजीत कौर, उसके बेटे लवप्रीत सिंह उर्फ लब्बी, पुत्रवधू मनप्रीत कौर व बेटी रमनदीप कौर रग्गू के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उन्हें काबू कर लिया था। जबकि लवप्रीत सिंह को उनके रिश्तेदारों ने खुद ही पुलिस को सौंपा था। जिसकी गिरफ्तारी पुलिस ने शुक्रवार को ही डाली थी। उसे शनिवार को अदालत में पेश किया जाना था। मगर शुक्रवार रात को ही उसने बैरक में अपनी शर्ट का फंदा बनाकर रोशन दान से बांधकर आत्महत्या कर ली। इसका पता चलते ही थाना प्रभारी उसे तुरंत गाड़ी से सिविल अस्पताल ले गए। लेकिन वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल में सीजेएम अतुल कंबोज की निगरानी में तीन डाक्टरों रेशम सिंह, डॉ. राहुल जिंदल व डॉ. अरुण कुमार की मौजूदगी में उसके शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर कोई भी निशान नहीं था, बल्कि गले पर निशान पाया गया।