ज्ञान सागर के 114 छात्रों की शिफ्टिंग अधर में
8 -9 साल पुराने बैच से सम्बंधित है तमाम स्टूडेंट्स
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी की तरफ से पंजाब हरियाणा होईकोर्ट के निर्देश पर वनूड़ के ज्ञान सागर ट्रस्ट के मेडिकल, डेंटल,नर्सिंग व फिजीयोथरैपी कॉलेजों के पिछले 5 सालों से संबंधित बैचों के 1437 स्टूडेंट्स को राज्य के अन्य कॉलेजों में शिफ्ट किया जा चुका है। वहीं 8-9 साल पुराने बैच से संबंधित 114 स्टूडेंट्स की शिफ्टिंग लटक गई है। इन 144 स्टूडेंट्स में से 52 एमबीबीएस व 36बीडीएस स्टूडेंट्स शुक्रवार को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में अपने दस्तावेजों की जांच कराने भी पहुंचे लेकिन इन्हें कोई कॉलेज अलॉट नहीं किया गया। फिलहाल इन स्टूडेंट्स की शिफ्टिंग के मामले राज्य के मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग ने मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया व डेंटल काउंसिल आफ इंडिया से इजाजत मांगी है।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार अनुसार साल 2008-2009, 2010-2011 बैच से संबंधित 114 स्टूडेंट्स में से महज 5 को ही दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट किए जाने की जरूरत है और बाकी 109 स्टूडेंट्स को केवल पूरक परीक्षा बैठना है या अपने इंटर्नशिप का एक साल पूरा करना है। इन सभी के लेक्चर मुक्कमल हो चुके है और ऐसे में उन्हें क्लासें लगाने के लिए किसी कॉलेज में शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है। यूनिवर्सिटी के अनुसार इनमें से 81 स्टूडेंट्स साढ़े चार साल का कोर्स पूरा कर चुके है और उन्हें एक साल की इंटर्नशिप करनी है और 21 स्टूडेंट्स को फाइनल ईयर की पूरक परीक्षाओं में बैठना है। 7 स्टूडेंट्स तो इंटर्नशिप भी पूरी करने के दस्वावेज पेश कर चुके है
। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर व शिफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ.राज बहादुर ने बताया पूरा मामला डीआरएमई ने एमसीआई व डीसीआई के ध्यान में ला दिया है, ताकि उन्हें डिग्री हासिल करने में कोई दिक्कत पेश न आए। मालूम हो कि शिफ्टिंग प्रक्रिया के दौरान ज्ञान सागर कॉलेजों से संबंधित अनेकों ऐसे स्टूडेंट्स भी यूनिवर्सिटी में पहुंचे जोकि अपना कोर्स मुकम्मल किए बगैर ही विदेशों में पढ़ाई करने चले गए थे और साल 2010 व 2011 से सम्बंधित तीन एमबीबीएस स्टूडेंट्स काउंसलिंग में हिस्सा लेने ही नहीं पहुंचे। एक यह दिलचस्प पहलु भी सामने आया है कि इंटर्नशिप पूरी करने वाले 81 एमबीबीएस स्टूडेंट्स को कॉलेज ने मान भत्ते का भी भुगतान नहीं किया है।