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जिला प्रशासन ने 5 लाख मुआवजा देकर परिवार को धरने से उठाया

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फरीदकोट। सीआईए स्टाफ में पुलिस हिरासत के दौरान मुक्तसर के गांव पंजाबा निवासी नौजवान जसपाल सिंह की संदिग्ध हालात में मौत के बाद उसके शव को खुर्द बुर्द करने की घटना को लेकर पिछले 18 दिनों से एसएसपी दफ्तर के गेट पर दिए जा रहे दिन रात के रोष धरने को शुक्रवार शाम खत्म हो गया। संघर्ष खत्म कराने क ेलिए जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजे का चेक सौंपा और साथ ही परिवार के एक सदस्य को अस्थायी सरकारी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया।
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पुलिस हिरासत में मौत के मामले को लेकर बीती 21 मई से फरीदकोट पुलिस के खिलाफ तीखा संघर्ष किया जा रहा था और एसएसपी दफ्तर के गेट पर पीड़ित परिवार व एक्शन कमेटी द्वारा दिन रात का धरना चल रहा था। मामले में एसआईटी के प्रमुख व आईजी फिरोजपुर मुखविंदर सिंह छीना ने कहा कि पीड़ित परिवार व उनके गांव की पंचायत ने डीसी के पास आर्थिक सहायता के लिए आवेदन दिया था, जिसके आधार पर उन्हें 5 लाख की सहायता की गई है। डिप्टी कमिश्नर कुमार सौरभ राज व एसएसपी राजबचन सिंह संधू ने कहा कि इस घटना को लेकर सभी को उतना ही दुख है, जितना दुख उनके परिवार को है। अब आरोपियों को सजा दिलाने की तरफ ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उधर पुलिस प्रशासन द्वारा परिवार को धरने से उठवाने की प्रक्रिया से जनतक जत्थेबंदियों पर आधारित एक्शन कमेटी ने दूरी बना कर रखी और पुलिस का बायकाट किया। एक्शन कमेटी के सदस्य राजिंदर सिंह, बूटा सिंह, जसपाल नंगल, गुरदयाल सिंह भट्टी ,लाल सिंह गोलेवाला, हरदीप कौर कोटला, केशव आजाद, लवप्रीत फैरोके ने कहा कि इस केस में पुलिस ने नौजवान को अगवा किया, उसका कत्ल करके लाश को खुर्द बुर्द किया। घटना के 20 दिन बाद भी पुलिस इंसाफ देने में नाकाम रही तो उसने घटिया हरकतें करके संघर्ष खत्म करवाया। एक्शन कमेटी ने कहा कि वह परिवार के फैसले से सहमत नहीं है लेकिन इसके बावजूद कानूनी लड़ाई में वह परिवार के साथ खड़े है। परिवार जब भी एक्शन कमेटी की मदद मांगेगा, वह उनका साथ देगें।
केस के मुख्य आरोपी रणबीर सिंह का आत्मसमर्पण
जसपाल सिंह की मौत के मामले के मुख्य आरोपी व जींद निवासी रणबीर सिंह ने शुक्रवार को पुलिस के पास आत्मसमर्पण कर दिया। रणबीर सिंह पर आरोप है कि उसने ही पुलिस के पास जसपाल सिंह के खिलाफ झूठी शिकायत की थी, जिसके आधार पर सीआईए स्टाफ ने उसे 18 मई की रात को गांव रत्तीरोड़ी के गुरुद्वारा साहिब से हिरासत में लिया था। इसके बाद यह सारा घटनाक्रम हुआ। एसएसपी राजबचन सिंह संधू ने बताया कि आरोपी रणबीर सिंह सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरिंद्र सिंह को गलत सूचनाएं उपलब्ध करवाता रहा। उन्होंने कहा कि रणबीर सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर पड़ताल की जाएगी। पुलिस ने इस केस में लगभग सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लाश की तलाश लगातार जारी है।
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