पठानकोट। लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ पहली बार पठानकोट पहुंचे तो नतीजों से पहले जीत के दावे पीट रहे विधायकों और हलका प्रधानों से अपने खराब प्रदर्शन पर जाखड़ से माफी मांगी। जाखड़ ने शहर के वालिया रिजार्ट में कांग्रेसी वर्करों व लीडरशिप के साथ मीटिंग कर हार पर चर्चा की। मंच से सुजानपुर, पठानकोट व भोआ की लीडरशिप विधायक जोगिंद्रपाल, विधायक अमित विज, पीपीसीसी सचिव अमित सिंह मंटू व नरेश पुरी ने सुनील जाखड़ से क्षमा मांगते हुए कहा कि इस बार वह जीत नहीं दिला पाए, जिसका उन्हें ताउम्र दुख सताता रहेगा।
बैठक में हार पर मंथन के साथ ही इस वर्ष होने वाले स्थानीय निकाय और 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी नेताओं के चेहरे पर चिंता साफ दिखी। इस दौरान नेताओं ने नाम लिए बिना कटाक्ष किए। भोआ से कांग्रेसी नेता ठाकुर मेहर सिंहने मंच से जाखड़ से कहा कि अब भी वक्त है कि आप पार्टी में बैठी काली भेड़ों की पहचान कर लें, वरना आने वाले दिनों में जिला के अंदर कांग्रेस को इतना नुकसान हो जाएगा, जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजीव बैंस ने कहा कि जीत होने पर नेता इसका क्रेडिट खुद लेते हैं और जब हार होती है तो वर्करों पर इसे डाल देते हैं। पठानकोट जिले में हार की वजह वर्करों को सम्मान न मिलना है।
जवाब में भोआ विधायक जोगिंद्र पाल ने कहा कि उनके हलके से हार के बाद वह डिप्रेशन में चले गए हैं। उन्होंने नाम लिए बगैर सवाल खड़े करते कहा कि हमारे नेता जी बताएं कि उन्होंने भोआ ओर सुजानुपर में कितना प्रचार किया। सीधे तौर पर किसी को काली भेड़ें कहना और कीचड़ उछालना ठीक नहीं। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल विज ने मंच से कार्यकर्ताओं के हाथ खड़े करवाकर जाखड़ से पद न छोड़ने की अपील की। सुनील जाखड़ ने कहा कि हार के बाद वह मायूस जरूर हैं लेकिन, पार्टी को और बुलदिंयों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता थी और रहेगी। उन्होंने कहा कि समय है कि छींटाकशी न करें और जिम्मेदारी के साथ काम करें। उनका सभी लोगों ने साथ दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में जो कमियां रह गई, उन्हें दूर करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बधाई के पात्र हैं, जिनके नेतृत्व में पंजाब की 8 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की।