केंद्रीय कर्मचारियों की मांगों को लेकर शिअद-आप एक मंच पर
सांसद ब्रुह्मपुरा व खैरा बोले, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल के लिए कर्मचारियों के साथ
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
मिशन-2019 के लिए जहां राजनीतिक पार्टियां सरगर्म हैं, वहीं केंद्रीय कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम(एनपीएस) के विरोध की मांग को लेकर प्रखर रुख अख्तियार कर चुके हैं। पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली को लेकर रेल कोच फैक्टरी के वारिश शाह हाल में आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन ने दिल्ली में 30 अप्रैल को होने वाली रैली को सफल बनाने के लिए शक्ति प्रदर्शन किया, वहीं दो परस्पर विरोधी राजनीतिक पार्टियों शिरोमणि अकाली दल बादल के सांसद रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा और विधानसभा पंजाब में नेता विपक्ष व आम आदमी पार्टी विधायक सुखपाल सिंह खैरा को एक मंच पर ला दिया। इस कन्वेंशन में दोनों दिग्गज नेता बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। जबकि सीपीएफ इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष सुखजीत सिंह मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए।
सांसद ब्रह्मपुरा ने कहा कि बेशक वह पंद्रह वर्षों से सांसद व विधायक रहे हैं, पर उन्हें यह पता नहीं था कि 2004 के बाद कर्मचारियों से पेंशन का अधिकार छीन लिया गया है। जब उन्हें इस समारोह के लिए निमंत्रण दिया गया तो उस दिन पता चला तो उन्होंने तुरंत प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को इस बाबत पत्र लिखा। जल्द ही वह इस मसले पर पीएम और रेल मंत्री संग पदाधिकारियों की बैठक करवाने की कोशिश करेंगे। खैरा ने कहा कि नई पेंशन को रद कर पुरानी पेंशन स्कीम बहाली का मुद्दा उनके चुनाव घोषणा पत्र में शामिल था। इस मुद्दे को उनकी पार्टी हर फ्रंट पर उठाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भी उनकी पार्टी की सरकार है। वहां पर वह इस मद्दे पर उठाएंगे और रद होने तक उठाते रहेंगे। सीपीएफ इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष सुखजीत सिंह ने नई दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में 30 अप्रैल को होने जा रही नेशनल पेंशन स्कीम विरोधी महारैली में सभी कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि दोनों पार्टियों ने चुनाव घोषणा पत्र में एनपीएस को रद्द करवाने का मुद्दा शामिल किया था तो एक साल बीत जाने पर भी दोनों पार्टियों की चुप्पी शंका पैदा कर रही है। अमरीक सिंह ने कहा कि एक ही देश में दो अलग-अलग नीति लागू की जा रही हैं। डॉक्टर बीआर अंबेडकर ने सबके लिए संविधान बनाया। लेकिन भारतीय हाकिमों ने एक दिन के लिए सांसद या विधायक बनने वालों के परिवार के लिए पेंशन का हकदार बनाया गया है। जबकि 30-35 साल देश की सेवा करने वालों के लिए खजाना खाली होने का कह दिया जाता है। इस मौके पर आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के सचिव सर्वजीत सिंह, परमजीत सिंह, शरणजीत सिंह, मनजीत सिंह बाजवा ,जसपाल सिंह सेखों, हरविंदर पाल सिंह , सुनील कुमार, बचित्तर सिंह, नरिंदर कुमार, प्रदीप कुमार, अश्वनी कुमार, अनिल कुमार, त्रिलोचन सिंह मौजूद थे।