रेलवे ट्रैक के लिए मुफ्त जमीन नहीं दे रही सरकार
फिरोजपुर-अमृतसर के बीच ट्रैक बिछाने की पूरी तैयारी: डीआरएम
सूबा सरकार ने पहले मुफ्त में जमीन देने का किया था वादा
अनिल कुमार
फिरोजपुर।
शहीदों की भूमि फिरोजपुर और गुरुओं की धरती अमृतसर को रेलमार्ग से जोड़ने की योजना सूबा सरकार की ओर से मुफ्त में जमीन देने के वादे से हाथ खींचने से पूरी होती नजर नहीं आ रही है। केंद्र सरकार से पंजाब की पूर्व अकाली-भाजपा सरकार ने फिरोजपुर और अमृतसर के बीच रेल पटरी बिछाने के लिए मुफ्त में जमीन देने का वादा किया था। इस पर केंद्र सरकार ने योजना को मंजूरी दे दी थी। अभी तक सूबा सरकार मुफ्त में जमीन देने के वादे को पूरा नहीं कर सकी। जिस कारण ये योजना अधर में है।
रेल डिवीजन फिरोजपुर के इंजीनियरिंग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी नेे बताया कि उनकी तरफ से पूरी तैयारी है। रेलवे अपने हिस्से की धनराशि भी देने को तैयार है। रेलवे ने पटरी बिछाने का सर्वे भी कर लिया है। सूबे में जब अकाली-भाजपा सरकार थी तब कई बार रेल अधिकारियों व नार्दन रेलवे के महाप्रबंधक की अकाली नेताओं के साथ जमीन देने संबंधी बैठकें हुई थी। बैठक में सिर्फ आश्वासन ही मिला था। रेलवे ने यहां तक कह दिया था कि अपनी धनराशि से उन जगहों पर कार्य शुरू कर देगी, जहां उसकी जमीन है। अधिकारी ने बताया कि अब कांग्रेस सरकार से उिम्मीद खत्म हो गई है। कांग्रेस सरकार ने पंजाब में बन रहे पुलों के लिए पैसा देने से अपना हाथ खींच लिया है। अमृतसर में एक पुल का निर्माण होना था। कांग्रेस सरकार की तरफ से धनराशि नहीं मिलने के कारण प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में है। फरीदकोट में भी पुल बनना था, उसका कार्य भी बीच में रोक दिया गया।
उधर, रेल डिवीजन फिरोजपुर के डीआरएम विवेक कुमार का कहना है कि फिरोजपुर-अमृतसर के बीच रेल पटरी बिछाने के लिए रेलवे तैयार है, यदि पंजाब सरकार उन्हें जमीन मुहैया करवाए। पंजाब सरकार ने मुफ्त में जमीन देने का वादा किया था। कांग्रेस सरकार रेलवे को मुफ्त जमीन देती है तो सूबे लोगों को नये साल में नयी रेल पटरी का तोहफा मिल सकता है। डीआरएम ने बताया पंजाब में रेलवे लैंड पर कई पुलों का निर्माण होना था, पंजाब सरकार से कोई मद्द नहीं मिलने के कारण सभी प्रोजेक्ट शुरू नहीं किए गए हैं।
यह है मामला
फिरोजपुर-अमृतसर के बीच नया ट्रैक बिछाने का मामला लगभग बारह साल पुराना है। जब रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव बने यह ट्रैक बिछाने के लिए सर्वे के आदेश दिए थे, उसके बाद फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद पंजाब से संबंधित पवन बंसल रेलमंत्री बने तो उन्होंने उक्त रेल पटरी बिछाने की घोषणा की थी। इसके बाद अभी तक प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है।