जालंधर में बंद का पूर्ण असर, पुलिस-प्रशासन दिखा बेअसर
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी, टायर फूंककर किए प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में भारत बंद की घोषणा के बाद जालंधर पूर्ण रूप में बंद रहा। शहर के दोआबा चौक से लंबा पिंड, सुच्ची पिंड, शेखे पिंड, पुरानी होशियारपुर रोड, पठानकोट चौक, पीएपी चौक, रामा मंडी चौक, ज्योति चौक व अन्य कई हिस्सों में दलित समाज ने प्रदर्शन किया। इस दौरान दलित समाज की ओर से सरेआम तलवारें लहराई गईं और जबरदस्ती दुकानें बंद करवाई गई। दलित समाज के लोगों ने अर्धनग्न होकर जमकर प्रदर्शन किया।
पुलिस शहर के चप्पे-चप्पे पर तैनात तो थी, लेकिन पुलिस की मौजूदगी न के बराबर ही लग रही थी। भारत बंद के दौरान सैकड़ों लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। सभी का आरोप था कि प्रधानमंत्री ने ही सुप्रीम कोर्ट के जरिये एससी-एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी न करने के आदेश दिलवाए हैं। दलित समाज ने फुटबॉल और वर्कशॉप चौक में टायर फूंककर प्रदर्शन किया। साथ ही जीएस हांडा के सर्विस सेंटर को भी बंद करवाया गया। इन सब के बीच पुलिस औरप्रशासन सब कुछ देखते हुए भी मूकदर्शक बना रहा।
जालंधर पुलिस और प्रशासन इस बंद को समर्पित नजर आए। हालांकि बहुत से दुकानदारों ने दुकानें बंद न करने का फैसला किया था, लेकिन पुलिस और प्रशासन की तरफ से कोई सहयोग या सुरक्षा न मिलने से इन दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखने में ही भलाई समझी। जिन कुछ लोगों ने दुकानें खोली भी तो उनकी दुकानों को जबरदस्ती बंद करवा दिया गया। कुल मिलाकर शहर समेत आसपास के इलाकों में भी बंद का पूरा असर रहा। शहर में सभी इलाकों में दुकानें बंद रहीं व जहां लोगों ने दुकानें खोलने की कोशिश की, वहां पर जबरदस्ती बंद करवा दी गई।
शांति अपील की जगह, गाने बजाती नजर आई पुलिस
एससी-एसटी एक्ट को लेकर भारत बंद के दौरान चाहे माहौल तनावपूर्ण था, लेकिन इस दौरान भी जालंधर पुलिस गाने बजाती नजर आई। दरअसल टेंपो में कमांडो फोर्स खड़ी होकर शहर का चक्कर काट रही थी। इसमें एक स्पीकर लगाया गया था, जिस पर से लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की जानी थी। लेकिन इस दौरान उस टेंपो में लगे स्पीकर में से अपील की जगह पर पंजाबी गीत ‘डायमंड दी झांझर’ गीत बज रहा था।