बारिश से किसान परेशान मक्के के दाम में आई गिरावट
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
दो दिन आंधी और बारिश का असर मक्के की फसल पर पड़ा है। बारिश और आंधी के बाद किसान और व्यापारी दोनों ही सकते में हैं। एक ओर जहां बारिश से मक्के की फसल में नमी आ गई हैं, वहीं पहले की अपेक्षा इसके भाव में भी करीब 350 की गिरावट आई है। बारिश से पहले मक्के का रेट 850 रुपये क्विंटल था लेकिन बारिश के बाद इसका रेट 500 रुपये पर आकर टिक गया है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। वहीं कृषि अधिकारियों का कहना है कि बारिश से इस फसल पर करीब 25 प्रतिशत नुकसान हुआ है। वहीं, अन्य फसलों पर यह नुकसान पंद्रह से बीस प्रतिशत के बीच है।
विशेषज्ञों का मानना है जो फसल जमीन में गिर गई है, उसमें पैदावार न के बराबर ही होगी। किसान संघर्ष कमेटी के नेता जत्थेदार परमजीत सिंह खालसा, एडवोकेट सतनाम सिंह मोमी, गुरप्रीत सिंह गोपी, गुरदीप सिंह अजाद, सुखचैन सिंह आदि ने बताया कि दो दिन हुई बारिश और तूफान से मंडी में पड़ा मक्का भीग गया। मंडी में किसान के पास मक्के को ढकने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं होता है। मंडी के शेड में तो एक गांव की फसल भी नहीं आती है। ऐसे में किसान को खुले में ही बोली लगवानी पड़ती है। बारिश के कारण खुले में पड़ी यह फसल पूरी तरह से गीली हो गई । कहीं-कहीं तो मक्के के दाने बारिश के पानी के साथ बह भी गए।
वहीं, खेत में कटाई के लिए तैयार सैकड़ों एकड़ फसल भी इस बारिश और तूफान के कारण बर्बाद हो गई। बारिश में आई तेज आंधी के कारण किसान की फसल जमीन में बिछ गई। किसान राजा, मेजर सिंह, दिलीप सिंह, मेजर सिंह, दलजीत सिंह, बलबीर सिंह, बलदेव सिंह, जसवंत सिंह का कहना है कि बारिश ने उनकी मुसीबत बढ़ा दी है। किसानों ने सरकार से मांग की कि किसानों को इस नुकसान की भरपाई के लिए तीस हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। हालांकि डीसी मोहम्मद तैय्यब पहले ही एसडीएम सुल्तानपुर लोधी को आंधी की वजह से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दे चुके हैं।