पंजाबी और पंजाबियत के रंग में रंगा जालंधर
पंजाबी जागृति मार्च में उमड़े लोग, गायकों ने बांधा समा
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पंजाबी बोली और पंजाबी सभ्याचार को समर्पित 9वां पंजाबी जागृति मार्च वीरवार को जालंधर में निकाला गया। पंजाबी जागृति मंच, सरबत दा भला और अन्य संस्थाओं के सहयोग से निकाले गए इस मार्च में शहरवासियों का हजूम उमड़ पड़ा। मार्च में हजारों की संख्या में शहरवासी, स्कूलों के बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग लोग शामिल हुए। सभी ने पंजाबी के प्रचार-प्रसार से संबधित स्लोगन लिखी तख्तियां हाथों में पकड़ी हुई थी। मार्च सुबह लायलपुर खालसा स्कूल से शुरू होकर शहर के अनेक स्थानों से होता हुआ देशभक्त हॉल में संपन्न हुआ। मार्च का शुभारंभ पंजाबी गायकों और कलाकारों ने किया। इस दौरान पंजाबी गायक रब्बी शेरगिल, दलविंदर दयालपुरी, हशमत और सुल्ताना ने गीत ‘देखो ओ पंजाबीयो, पंजाबी न भुला देना’ से पंजाबियों को पंजाबी बोली के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बरजिन्द्र सिंह हमदर्द, पंजाबी जागृति मंच के प्रधान सतनाम सिंह मानक, जरनल सचिव दीपक बाली, सरबत दा भला ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक एसपी सिंह ओबराय, सिख तालमेल कमेटी के प्रधान तजिंदर सिंह परदेसी समेत कई गण्यमान्य लोगों ने पंजाबी विरसे को संभालने व नई पीढ़ी को पंजाबी विरसे से जोड़ने के बारे में अपने विचार रखे।
मंच के प्रधान सतनाम मानक और सचिव दीपक बाली ने कहा कि पंजाब तभी जीवित रह सकता है, जब पंजाबी बोली जिंदा रहेगी। उन्होंने सभी को पंजाबी पढ़ो, पंजाबी बोलो और पंजाबी होने पर मान करो का संदेश दिया। उन्होंने पंजाबियों से अपील करते हुए कहा कि पंजाबी के प्रसार में सभी अपना योगदान दें। इस दौरान स्कूलों के बच्चों ने भी पंजाबी मां बोली के हक में नारे लगाए। शहर में निकलने वाले इस मार्च के दौरान शहर की विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने जगह -जगह पुष्प वर्षा की व लंगर भी लगाए।