45 करोड़ का पानी डकार गए, बिल देने को कोई तैयार नहीं
निगम प्रशासन भी लोगों से रुपये को वसूल पाने में नाकाम, लड़ने को हो जाते हैं तैयार
सौरभ खन्ना
जालंधर। गरीबी की दलदल में फंसा जालंधर नगर निगम मानो खुद ही इससे बाहर नहीं निकलना चाहता है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि निगम के वाटर सप्लाई विभाग की रिपोर्ट मुताबिक पानी एवं सीवरेज के करीब 45 करोड़ रुपये का बिल अभी तक शहर निवासियों से वसूलना बाकी है। अगर निगम प्रशासन थोड़ी सी भी हिम्मत दिखा दें, तो शहर निवासियों से बनते पानी एवं सीवरेज के बिलों और टैक्स का रुपया वसूल किया जा सकता है। शहर के अधिकांश लोग निगम का पानी मुफ्त में पी रहे हैं और बिल का एक रुपया भी जमा नहीं करा रहे। इनमें पांच मरले से अधिक वाले घरों के अलावा तमाम संख्या में कामर्शियल वर्कर शामिल हैं।
वॉटर सप्लाई के सुपरिंटेंडेंट मनीष दुग्गल ने कहा कि 31 मार्च 2018 तक के रिकार्ड मुताबिक अभी शहर के लोगों से करीब 45 करोड़ का पानी और सीवरेज का बिल वसूलना बाकी हैं। अभी तक ये रुपये जमा नहीं हुए हैं। इसे वसूलने के लिए प्लानिंग की जा रही है। दुग्गल ने कहा कि पांच मरले से अधिक के घरों में रहने वाले लोग अब भी निगम का पानी और सीवरेज बिल देने को तैयार नहीं हैं। इसके अलावा छोटे-बड़े व्यापारी भी बिल अदा नहीं कर रहा हैं। सब लोग निगम का पानी मुफ्त में पी रहे हैं। दुग्गल ने कहा कि सरकारी पॉलिसी के अनुसार सिर्फ पांच मरले तक के घरों को पानी के बिल माफ हैं। पांच मरले से अधिक के घरों के अलावा हर कामर्शियल जगह पर पानी और सीवरेज का कनेक्शन लेने वालों को बिल अदा करना जरूरी है। अधिकारियों के मुताबिक मकसूदां का क्षेत्र, गांधी कैंप, 120 फुट्टी रोड, बस्ती दानिशमंदा, बस्ता बाबा खेल, किशनपुरा का इलाका, माइहीरां गेट का क्षेत्र, मिट्टापुर रोड इत्यादि इलाकों में रहने और व्यापारी लोग निगम का पानी और सीवरेज बिल अदा नहीं कर रहे हैं।
बिल के रुपये मांगने जाएं तो लड़ने को पड़ते हैं लोग
वॉटर सप्लाई के अधिकारियों अनुसार पानी और सीवरेज बिल के रुपये मांगने जाओ तो लोग लड़ने को पड़ते हैं। ऐसे में बिल के रुपये वसूलना मुश्किल हो रहा हैं। कोई सख्त एक्शन भी नहीं ले पाते। स्टाफ की कमी के कारण भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बिल वसूलने के लिए होगी सख्ती
ओएंडएम के एसई किशोर बंसल ने कहा कि लोगों से पानी और सीवरेज के बिल वसूलने के लिए सख्ती अपनाई जाएगी। मामले को लेकर प्लानिंग की जा रही हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई शुरू की जाएगी।