अवैध कब्जे हटाने गई निगम टीम का विरोध
महिला कांग्रेसी पार्षद ने की नारेबाजी, फैसले को बताया गलत
पूर्व अकाली विधायक भी पहुंचे धरने में, पार्षद बोली गरीबों के साथ हो रहा धक्का
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। माडल टाउन डेयरियों वाले क्षेत्र में पड़ते लतीफपुरा से अवैध कब्जे हटाने को लेकर बवाल खड़ा हो गया। इलाके की महिला कांग्रेसी पार्षद खुद सड़क पर उतर आई और प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनके साथ इलाके के बड़ी संख्या में लोगों ने नारेबाजी की। मौके पर पूर्व अकाली विधायक सर्बजीत सिंह मक्कड़ भी आ गए। कांग्रेसी पार्षद ने कहा कि गरीबों को उजाड़ा जा रहा है जबकि शहर में सेंट्रल सरकार व ट्रस्ट की जमीनों पर माफिया ने कब्जे कर रखे हैं उनकी तरफ देखा नहीं जा रहा है।
लतीफपुरा और न्यू ग्रीन मॉडल क्षेत्र में 26 कब्जाधारियों ने सरकारी जगह व 120 फुटी सड़क के बड़े भाग पर कब्जा कर रखा है। इस बारे में अदालत के आदेश भी निगम के पक्ष में आ चुके हैं। सभी कब्जाधारियों को नोटिस सर्व किए जा चुके हैं। इनमें 10 दिनों के भीतर कब्जे खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था। अल्टीमेटम की अवधि 28 अक्तूबर को समाप्त हो चुकी है। निगम ने कब्जों को हटाने के लिए 31 अक्तूबर को कार्रवाई करने का फैसला कर रखा है। इसके लिए प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस फोर्स उपलब्ध करवाने के लिए कहा जा चुका है। इससे पहले कि नगर निगम अपना आपरेशन चलाता कांग्रेसी पार्षद अरुणा अरोड़ा खुद मैदान में आ गईं। उन्होंने इलाके की महिलाओं को लेकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। मौके पर एसीपी नवीन कुमार भी आए लेकिन लोगों ने धरना जारी रखा। कांग्रेसी पार्षद का कहना है कि शहर में बीस ऐसे इलाके हैं, जहां माफिया ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। उनकी तरफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। महिला पार्षद ने कहा कि वह गरीबों के साथ धक्का नहीं होने देगी। पहले सरकार इनके लिए छत का इंतजाम करे।