ज्वालामुखी से पठानकोट आ रही नैरोगेज ट्रेन का इंजन हुआ बेपटरी
बारिश के बाद पहाड़ से पटरी पर पत्थर गिरने से लूनसू मंदिर के पास हादसा
एक ट्रेन रद्द, बाकी सभी ट्रेनों को गुलेर तक चलाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेज रेलमार्ग पर शुक्रवार सुबह ज्वालामुखी रोड रेलवे स्टेशन से पठानकोट आ रही 52462 पैसेंजर रेलगाड़ी का इंजन रेलवे स्टेशन लूनसू के पास बेपटरी हो गया। हादसे में सवारियों को चोटें नहीं आई, लेकिन अचानक तेज आवाज और झटके से ट्रेन के रुकने पर लोग सहम गए। हादसे के तुरंत बाद लोको पायलट ने सूचना पठानकोट के अधिकारियों को दी। रेलवे का त्वरित दल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया और दोपहर तक इंजन को पटरी पर लगाया गया। इंजीनियरिंग विंग के मुताबिक वीरवार को हुई तेज बरसात के बाद एक बड़ा पत्थर पहाड़ी से पटरी के बिल्कुल बगल में गिर गया था, हादसे वाले स्थान से ठीक पहले एक तीखा मोड़ है, अंधेरे और तीखे मोड़ के कारण लोको पायलट को पत्थर नहीं दिखा और इंजन पटरी किनारे पड़े पत्थर से टकराकर डिसप्लेस होकर पटरी से लुढ़क गया। हालांकि स्पीड कम होने के कारण केवल इंजन ही बेपटरी हुआ, सभी कोच सुरक्षित रहे। इसी बीच रेल मार्ग बाधित होने के चलते पठानकोट से ज्वालामुखी ट्रैक की ओर जाने वाली एक ट्रेन को कैंसल किया गया है, बाकी ट्रेनों को गुलेर तक चलाया जा रहा है।
चंद मीटर दूरी पर था बाणगंगा पुल, हादसा बचा
ट्रेन नंबर 52462 शुक्रवार तड़के सुबह 4.45 पर ज्वालामुखी रोड रेलवे स्टेशन से पठानकोट के लिए रवाना हुई थी, जिसे पठानकोट 8:30 पर पहुंचना था कि 76/89 किमी स्थित लूनसू मंदिर रेलवे स्टेशन के पास रात को हुई बारिश के चलते पत्थर गिरने से ट्रेन इंजन बेपटरी होकर पहाड़ी की ओर झुक गया। गनीमत यह रही कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां कुछ मीटर की दूरी पर बाणगंगा पुल था अगर हादसा वहां होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
52467 ट्रेन स्थगित
पठानकोट सिटी रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात डिप्टी स्टेशन मास्टर केके कौशल ने बताया कि ट्रेन का इंजन डीरेल होने से पठानकोट रेलवे स्टेशन से दोपहर एक बजकर 5 मिनट पर चलने वाली 52467 ट्रेन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य ट्रेनों को अगले आदेशों तक गुलेर रेलवे स्टेशन तक चलाया जाएगा।