तीन अप्रैल से किया था प्रोजेक्ट का काम बंद
पढ़ो पंजाब प्रोजेक्ट का बायकाट, 32 शिक्षकों को शोकॉज
तीन अप्रैल से किया हुआ था प्रोजेक्ट का काम बंद
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
प्रिंसिपल सेक्रेटरी शिक्षा कृष्ण कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट पढ़ो पंजाब को जिला कपूरथला में बायकाट करना 32 शिक्षकों को महंगा पड़ गया है। जिला को-आर्डिनेटर पढ़ो पंजाब कपूरथला की रिपोर्ट पर शिक्षकों को शोकॉज नोटिस जारी किए गए हैँ। जिससे एलीमेंटरी शिक्षा से संबंधित शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। आरोप लगा है कि इन शिक्षकों ने पढ़ो पंजाब टीम के स्कूल पहुंचने पर सहयोग नहीं किया है। जिसके चलते यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।
जिला कपूरथला में कुछ शिक्षक यूनियन के सांझे मोर्चो के आह्वान पर पढ़ो पंजाब प्रोजेक्ट का शिक्षकों ने बायकाट करने का निर्णय लिया था। यह फैसला पंजाब सरकार की ओर से शिक्षकों की मांगों को अनदेखा करने और पढ़ो पंजाब प्रोजेक्ट की वजह से सिलेबस कवर न होने के चलते शिक्षकों ने तीन अप्रैल से बायकाट कर दिया। जिसके चलते पढ़ो पंजाब के जिला को-आर्डिनेटर सुखमिंदर सिंह बाजवा की ओर से गठित सीएमटी-बीएमटी की ओर से जब स्कूलों में पढो पंजाब से संबंधित दौरा किया गया तो शिक्षकों ने सहयोग नहीं दिया। पढ़ो पंजाब प्रोजेक्ट में बाधा और असहयोग की रिपोर्ट के आधार पर डीईओ एलीमेंटरी गुरचरण सिंह ने 32 शिक्षकों को शो कॉज नोटिस जारी किए हैं। इन शिक्षकों में सरकारी एलीमेंटरी स्कूल छन्ना फरीद के शिक्षक अमरीक सिंह, तलंडी चौधरियां की कमलजीत कौर, भैणी हुस्से खां के बिक्रमजीत सिंह, मंड खिजरपुर की हरविंदरजीत कौर, कबीरपुर के मनजीत दास, चूहड़पुर के दशर्न लाल, जब्बोवाल के रवि वाही, रामे की कमलजीत कौर, मिर्जापुर की नवदीप कौर, भोगाबुड्ढा के तेजिंदर सिंह, बाजा के मनप्रीत सिंह, मुल्लावाहा के मनजिंदर सिंह समेत जिले के 32 शिक्षक शामिल हैं। जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंटरी गुरचरण सिंह ने 32 शिक्षकों को शो कॉज नोटिस जारी करने की पुष्टि करते हुए कहा कि इन शिक्षकों ने तीन अप्रैल से पढ़ो पंजाब का बायकाट किया हुआ था। सरकारी काम की अवमानना के लिए कार्रवाई अमल में लाई गई है।