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मुंबई की संगत को श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व का आमंत्रण

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संत सीचेवाल ने किया पर्यावरण संरक्षण का आह्वान
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अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
पद्मश्री व पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने मुंबई की सिख संगत को न्योता दिया कि वह 2019 में श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व में शामिल होने के लिए सुल्तानपुर लोधी पहुंचे। सिख संगत के निमंत्रण पर मुंबई पहुंचे संत सीचेवाल ने धार्मिक, स्कूल और पर्यावरण से संबंधित समागमों में हिस्सा लिया।
दो दिवसीय दौरे के दौरान सबसे अधिक चर्चा पवित्र काली बेईं की ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यावरणीय पक्ष पर हुई। बांद्रा स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में जुड़ी संगतों को संबोधित किया। स्कूल के समागम में भी उन्होंने बच्चों से अपील की कि वह साफ-सुथरा वातावरण का सृजन करें, इससे ही समाज तंदरुस्त हो सकता है। जुहू बीच पर एक धार्मिक समागम के दौरान संत सीचेवाल ने कहा कि श्री गुरु नानक देव ने सबसे अधिक समय सुलतानपुर लोधी ही गुजारा था। यहीं पर उन्होंने नौकरी की थी, यहीं पर ही गुरु साहिब का विवाह हुआ था। यहां ही दोनों बच्चों का जन्म हुआ। इसलिए पाकिस्तान के बाद सुल्तानपुर लोधी ही बहुत ऐतिहासिक स्थान है।
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उन्होंने कहा कि सुल्तानपुर लोधी सेे श्री गुरु नानक देव ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। मुंबई से दूर एक स्कूल में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए पद्मश्री संत सीचेवाल ने कहा कि उत्तरी भारत बीते समय में स्मॉग की चपेट में आया था। मुंबई का समुंदर में भी गंदा पानी फेंका जा रहा है। इस वजह से इसके किनारों पर खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है।
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विद्या विनोद अधिकारी पाठशाला के नाम वाले इस स्कूल की सफाई व्यवस्था देखकर संत सीचेवाल बेहद प्रभावित हुए। पौधों और कुदरती जंगलों के माहिर जापान के डॉ. अकिरा मियावकी की ओर से तारापुर इंडस्ट्री एरिया में स्थापित जंगल का भी दौरा किया। इस मौके उनके साथ संत दया सिंह, इंग्लैंड से बचित्तर सिंह, रणजीत सिंह, मुंबई से चरनप्रीत सिंह आहूजा, राजू, राजिंदर पाल सिंह, आरके नायर, और अन्य शख्सियतें मौजूद थे।
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