प्रदेश में गरीब लोगों के लिए पंजाब सरकार द्वारा दाल-रोटी स्कीम चलाई जा रही है।
इस स्कीम के तहत जहां एक ओर गरीब लोगों को एक रुपये किलो आटा और 20 रुपये किलो दाल देने के लिए करीब 30 लाख परिवारों के कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
वहीं, दूसरी ओर इस योजना के तहत अनाज बांटने वाले डिपो होल्डरों की नाराजगी के कारण यह काम मुश्किल हो सकता है।
डिपो होल्डरों का कहना है कि गेहूं आवंटन के लिए परिवारों की संख्या दोगुणी हो गई है, लेकिन अनाज बांटने वालों के बोझ के बारे में सोचा नहीं गया।
डिपो होल्डरों का कहना है कि उन्हें पहले से ही अनाज बांटने पर कोई कमीशन नहीं मिलता है और आगे के लिए भी कोई फैसला नहीं किया गया है।
पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों के जोर देने पर केंद्र सरकार ने इस मामले पर कमेटी तो गठित कर दी है, लेकिन कमेटी लोकसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे पर फैसला कर पाएगी या नहीं, इसके बारे में कोई अधिकारी कुछ नहीं कह पा रहे हैं।
कैरों ने ऐसी कमेटी गठित करने की सिफारिश की है और डिपो होल्डरों की मुश्किल पर भी हमदर्दी व्यक्त करते हुए कहा है कि राईट-टू-फूड केंद्र सरकार ने बनाया है, इसलिए इसका हल भी उसी को करना चाहिए।