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दुल्हन होशियार हुई तो शादी का खर्च उठाएंगे लड़के वाले

Tue, 09 Apr 2013 12:12 AM IST
जालंधर/सुरिंदर पाल
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दुल्हन अगर पढ़ाई में होशियार है या एनआरआई हो और शादी के बाद अपने दूल्हे के साथ विदेश में सेटल होने को तैयार हो तो शादी का पूरा खर्च बेटे वाले ही उठाएंगे। यह नया रिवाज आज कल पंजाब में तेजी से बढ़ रहा है।
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खासकर वे खाते-पीते परिवार ऐसी शादी की जुगाड़ में रहते हैं, जिनके लाडले विदेश में सेटल होना चाहते हैं मगर उनकी अंग्रेजी कमजोर है। वे आईलेट्स या टोफेल जैसे टेस्ट क्लीयर नहीं कर पाये।

आजकल ऐसे विज्ञापन भी यहां खूब दिख रहे हैं जिनमें आस्ट्रेलिया या यूरोपीय देशों की स्थायी नागरिकता वाली पंजाबी मूल की लड़की की तलाश होती है।

साथ ही यह वायदा भी होता है कि वे इसके लिए वे न तो कोई दान दहेज लेंगे उल्टा शादी का पूरा खर्च, जिसमें लड़की के घर पर होने वाले रीति रिवाजों का खर्च भी शामिल है, उठाने को तैयार हैं। यहां तक कि लड़की के परिवार की ओर से अपने जान-पहचान के लोगों को बांटी मिठाई का बिल भी वही देंगे।
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ऐसे हैं ये दूल्हे
अकेल आस्ट्रेलिया की ही बात करें तो पंजाब से करीब दो लाख 12वीं पास युवा स्टडी वीजा पर वहां गए हुए हैं।

इनमें से अधिकतर हेयर ड्रेसर, कम्युनिटी वेल्फेयर, मल्टी मीडिया, कुकरी आदि के कोर्स के लिए गए थे मगर, वहां जाकर रेस्तराओं में और टैक्सी चलाने का काम कर रहे हैं। अब इनमें से जिनके स्टडी वीजा की अवधि पूरी हो चली है, वे चिंता में हैं।

आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में स्थायी नागरिकता (पीआर) के लिए यह नियम है कि प्रिंसिपल आवेदक को आईलेट्स के छह बैंड हासिल करने जरूरी हैं।

वहां दिन रात शारीरिक श्रम करने वाले 12वीं पास इन युवाओं में से अधिकतर आईलेट्स का कठिन टेस्ट पास नहीं कर पाते। जबरन देश भेजे जाने से बचने के लिए इनके लिए एक ऐसी लड़की की तलाश की जाती है जो छह बैंड हासिल कर चुकी हो। लड़के वाले लड़की के परिजनों के आगे अपनी एक मात्र मांग यही रखते हैं कि बस आपकी लड़की हमारे लड़के को किसी तरह विदेश में सेटल करवा दे। खर्च की आप चिंता न करो, हम सारा उठा लेंगे।   

आपकी लड़की तो बड़ी होनहार है जी
सिर्फ पहले से आस्ट्रेलिया में छह बैंड हासिल कर चुकी लड़कियां ही नहीं पढ़ाई में होशियार और अंग्रेजी में फर्स्ट रहने वाली लड़कियों की भी तलाश भी इन दूल्हों के अभिभावक बड़ी उम्मीद से करते हैं। इसके लिए भी वे लड़की वालों की खुशामद से भी नहीं चूकते।

शादी का सारा खर्च उठाने को भी तैयार हो जाते हैं। इसके पीछे उनका मकसद यह होता है कि शादी के बाद लड़की को भी स्टडी वीजा पर आस्ट्रेलिया भेज दिया जाएगा। जब तक लड़की वहां पढ़ती रहेगी तब तक पति होने के नाते नियमानुसार उनका बेटा भी वहां रह सकेगा और एक होनहार लड़की आईलेट्स क्लीयर कर वहां की स्थायी नागरिकता भी ले लेगी।   

पंजाब के युवा विदेश में बसने को लेकर काफी उत्सुक रहते हैं। इसके लिए वे तरह-तरह के हथकंडे भी अपनाते रहते हैं। आजकल इस तरह की शादियों का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है मगर दूतावास की सब पर नजर रहती है। काफी सतर्कता बरती जाती है।
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-सुकांत त्रिवेदी, विशेषज्ञ और सदस्य, ऑस्ट्रेलियन ओवरसीज एजुकेशन
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