हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि चंडीगढ़ प्रशासन में तबादले के लिए किसी भी आईएएस से अब उनकी इच्छा नहीं पूछी जाएगी।
दरअसल चंडीगढ़ के यूनियन टेरिटरी प्रशासन ने एक साल पहले सचिव पद के लिए सुपर टाइम स्केल से नीचे के आईएएस अफसरों का पैनल हरियाणा सरकार से मांगा था।
लेकिन हरियाणा के कई आईएएस अफसर चंडीगढ़ प्रशासन में नहीं जाना चाहते। इसलिए हरियाणा सरकार द्वारा चंडीगढ़ यूटी प्रशासन को नाम भेजने के बाद भी तबादले नहीं हो सके क्योंकि आईएएस अफसर ने लिखकर सूचित कर दिया, ‘मैं चंडीगढ़ में काम करने का इच्छुक नहीं हूं।’
नहीं पूछी जाएगी किसी से इच्छा
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि किसी भी अफसर से उसकी इच्छा नहीं पूछी जाएगी यानी जिसका नाम चंडीगढ़ प्रशासन तय करेगा उस अफसर को जाना ही होगा। गौरतलब है कि आईएएस बृजेंद्र सिंह चंडीगढ़ के उपायुक्त तैनात थे। लेकिन दो साल बाद ही उन्होंने चंडीगढ़ में काम करने की अनिच्छा जता दी थी और मूल राज्य लौटने का आग्रह किया था। यह बात अलग है कि उन्हें वापस भेजने में करीब एक साल लग गया।