पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान विकास मलिक को वीरवार को चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से जमानत मिली है। एडिशनल सेशंस जज की कोर्ट ने विकास मलिक की पुलिस की ओर से जमा की गई मेडिकल रिपोर्ट के बाद और वकील की दलीलें सुनने के बाद जमानत अर्जी को मंजूर किया है। 26 जुलाई को विकास मलिक ने कोर्ट में जमानत याचिका अर्जी दायर की थी। विकास मलिक लगभग एक महीने से जेल में बंद था।
इससे पहले बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा विकास मलिक का लाइसेंस भी अस्थाई तौर पर सस्पेंड कर चुकी है। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने हाईकोर्ट के एक वकील रंजीत सिंह पर हमले के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस ने एक जुलाई को विकास मलिक समेत अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। 12 जुलाई को मलिक को डेराबस्सी के पास से गिरफ्तार किया गया था।
वकील रंजीत ने शिकायत में बताया था कि वे हाईकोर्ट के एक आदेश से जुड़े दस्ती समन देने के लिए मलिक के ऑफिस में गए थे। इस दौरान उनके साथ एक महिला वकील भी मौजूद थी। आरोप के मुताबिक मलिक ने वहां रंजीत से मारपीट की और महिला वकील से बदसलूकी की। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मलिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 126(2),115(2), 351(2), 351(3), 109, 299 और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।