वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा की कोठी के सामने भूख हड़ताल पर बैठी एक हेल्पर का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने के कारण देहांत हो गया।
आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन की भूख हड़ताल पांच दिन से चल रहीथी। यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष उषा रानी ने कहा कि सोमवार को धरने में आई गांव माझी की हेल्पर परमजीत कौर की हालत बिगड़नी शुरू हो गई थी जिसे तुरंत डाक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने बताया कि उसे दिल का दौरा पड़ा है।
उसे पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उन्होंने सरकार से मांग की कि मृतका परमजीत कौर के बच्चों को सरकारी नौकरी दी जाए और कम से कम दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गुरमेल कौर, महासचिव सुरिंदर मंडेर, शिंदर बड़ी, दर्शना देवी, बलविंदर कौर, बलजीत कौर, सरबजीत कौर और सुखपाल कौर मौजूद थीं।
स्टाफ नर्सों का धरना जारी
संगरूर। अपनी मांगों को लेकर एनआरएचएम पंजाब स्टाफ नर्स यूनियन द्वारा वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा की कोठी के सामने सातवें दिन भी धरना जारी रहा। धरने पर बैठी यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नवनीत कौर, उपाध्यक्ष मनप्रीत कौर बठिंडा और नरेश कुमारी के नेतृत्व में नारेबाजी की गई।
यूनियन नेताओं ने कहा कि यूनियन की मांगें पूरी न होने की वजह से संगरूर की स्टाफ नर्स सुनंदा कपिल का मरणव्रत जारी था, लेकिन उनकी हालत बिगड़ने के कारण प्रशासन ने जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती करवा दिया। उनके बाद यूनियन की सदस्य निंदरपाल कौर मरणव्रत पर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि यदि पांच मार्च तक उनकी मांगों का कोई हल नहीं निकाला गया तो वे चुनाव के दौरान सरकार का बायकाट करेंगी और सरकार की नीतियों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर संदीप कौर, हरप्रीत कौर, जसवीर कौर, हरशनर कौर, राजिंदर कौर मौजूद थीं।