वाट्सएप ग्रुप में किया ऐड
शुरुआत में तो उसने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। फिर कुछ दिन बाद 05 जुलाई को उसे शेयर मार्केट से संबंधित मैसेज के साथ एक लिंक आया। उसे लिंक में अपनी डिटेल भरने के लिए कहा गया, जिससे वह शेयर मार्केट के स्टॉक ले सके। फिर उसे पैसे ऐड करने के लिए बैंक खाता और आईएफएससी कोड भेजा गया और उसके मोबाइल नंबर को एक वाट्सअप ग्रुप में ऐड कर लिया गया। इस दौरान उसकी स्टॉक संबंधी बातचीत होती रही। इन लोगों ने उसे पैसे निवेश करने के लिए झांसे में ले लिया। फिर इन लोगों के कहने मुताबिक 08 जुलाई से 19 जुलाई तक उसने खुद की रकम के अलावा अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर करीब 13.80 लाख रुपये की रकम इनवेस्ट कर दी।
पेमेंट करने के लिए मिलने लगी धमकियां
रोज उसे अलग-अलग तरीके से स्टॉक खरीदने और बेचने के लिए कहा जाने लगा। स्टॉक बेचने के बाद उसकी रकम उसकी आईडी में शो होने लगती। उसे बार-बार पैसे ऐड करने के लिए कहा जाने लगा तो वह पैसे ऐड करता गया। फिर 21 जुलाई को उसकी बनाई आडी में एक कंपनी के आईपीओ शो होने लगा, जिसकी कीमत 50-60 लाख रुपये से ऊपर थी। जिसे खरीदने के लिए उसे विवश किया जाने लगा। उसके इनकार करने पर उक्त लोग उसे पेमेंट करने के लिए धमकियां देने लगे कि उसकी आईडी में रखे सारे स्टॉक सेल करके रिकवरी करेंगे और कानूनी कार्रवाई अमल में लाएंगे।
आरोपियों ने आईडी बैलेंस कर दिया खाली
इतना सब होने के बाद उसे समझ आ गया कि उसके साथ फ्रॉड हुआ है। उसकी आईडी का बैलेंस खाली कर दिया गया। जब उसने कंपनी के मोबाइल नंबर पर नेटवर्क और वाट्सअप कॉल करनी चाही तो दोनों कॉल नहीं लग रही है। उसने एसएसपी से रकम वापस करवाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। एसएसपी ने मामले की जांच का जिम्मा थाना साइबर क्राइम की एसएचओ मनदीप कौर को सौंपा। साइबर क्राइम की पुलिस ने तथ्यों की जांच करने के बाद रिपोर्ट डीएसपी सीएडब्ल्यू को सौंपी, जिन्होंने डीए लीगल की सलाह लेने के बाद वेस्ट बंगाल की एक फर्म समेत दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।