बेरोजगारी के कारण विदेश जाने वालों की संख्या बढ़ी
अमेरिका से हाल ही में देश के अलग-अलग राज्यों के 332 लोगों को डिपोर्ट किया गया है, जिसमें 126 यानी 38 प्रतिशत लोग पंजाब के हैं। प्रदेश से विदेश जाने वालों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बेरोजगारी को ही इसका मुख्य कारण माना गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसे रोकने के लिए पंजाब में रोजगार के अवसर पैदा करने की जरूरत है। कौशल विकास व व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम ये यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सरकार काफी कुछ कर भी रही है, लेकिन फिलहाल स्थानीय स्तर पर इसके नतीजे देखने को नहीं मिल रहे हैं।
सर्वेक्षण के अनुसार अप्रैल-जून 2024 में बेरोजगारी दर 16.2% दर्ज की गई, जो जुलाई-सितंबर 2024 में कम होकर 12.2% तक पहुंच गई। अक्तूबर-दिसंबर 2024 में दोबारा बढ़ोतरी के साथ यह 14.9% पर पहुंच गई है। इस अविध के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर ऑवरऑल बेरोजगारी दर 16.1% रही है।
इसी तरह लड़कों के साथ लड़कियों में भी बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी हुई है। अगर 15 से 29 वर्ष के के लड़कों की बात की जाए तो उनमें अप्रैल-जून 2024 में 14.7% बेरोजगारी दर थी, जबकि जुलाई-सितंबर 2024 में कम होकर यह 10.7% तक पहुंच गई। हालांकि, अक्तूबर-दिसंबर 2024 में यह दोबारा बढ़कर 12.8% पर पहुंच गई है। इसी तरह लड़कियों में अप्रैल-जून 2024 में यह दर 21.8%, जुलाई-सितंबर 2024 में 18.5% और अक्तूबर-दिसंबर 2024 में दोबारा बढ़कर 21.7% पर पहुंच गई है।
बेरोजगारी कम करने के लिए प्रयास कर रही सरकार: सौंद
पंजाब के श्रम मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद का कहना है कि पंजाब सरकार की तरफ से बेरोजगारी को कम करने के लिए अलग-अलग योजनाओं को लागू किया है। पंजाब कौशल विकास मिशन की तरफ से जरूरतमंद युवाओं को तकनीकी कोर्स करवाए जा रहे हैं। साथ ही प्लेसमेंट में भी उनकी मदद की जा रही है। पंजाब कौशल विकास मिशन ने रोजगार सृजन और प्रशिक्षण विभाग के साथ संयुक्त सहयोग से घर-घर रोजगार पोर्टल विकसित किया है, जिससे जरिये आवेदन करने वाले युवाओं को विभाग की तरफ से जरूरी सहायता प्रदान की जाती है। विभाग ने 150 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं। इसी तरह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में पांच हजार सीटें और बढ़ाई जा रही है। साथ ही लड़कियों के लिए इंजीनियरिंग ट्रेड में भी कोर्स शुरू किए जा रहे हैं, ताकि मल्टीनेशनल कंपनियों में उनको रोजगार मिल सके।