फास्टर मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने पंजाब सरकार को पांच अगस्त तक वैट में वर्कशीट-7 को खत्म करने का अल्टीमेटम देकर आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। एसोसिएशन ने साफ किया है कि यदि सरकार ने ऐसा नहीं किया तो उद्यमी अनिश्चितकाल के लिए क्रमिक भूख हड़ताल पर चले जाएंगे।
इस आंदोलन को पंजाब स्तर पर कामयाब करने के लिए फास्टर एसोसिएशन की टीम ने सूबे के तमाम औद्योगिक संगठनों से तालमेल शुरू करके उनको एक प्लेटफार्म पर इकट्ठा करने के लिए बाकायदा होम वर्क शुरू कर दिया है। यह ऐलान शनिवार को एसोसिएशन की हंगामी बैठक में लिया गया।
आबकारी एवं कराधान विभाग पंजाब ने वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) एक्ट की धारा 15 के सेक्शन 13(1) में वर्कशीट-7 भरने का फरमान जारी किया है। इस फरमान को लेकर सूबे के औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों में उबाल आ गया है। हालत यह है कि अकाली दल की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के मंत्री अनिल जोशी ने भी व्यापारियों के सुर में सुर मिला कर अपनी ही सरकार को मामले में अल्टीमेटम दे दिया है।
उद्यमियों ने साफ किया है कि वर्कशीट सात में मांगी गई जानकारियां देना किसी भी हाल में संभव नहीं है। इसलिए इस शीट को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
एसोसिएशन के प्रधान नरिंदर भमरा का कहना है कि इस शीट की पेचीदगियों के कारण हर छोटे कारोबारी का तीन से चार लाख रुपया विभाग के पास अटक जाएगा। इससे इंडस्ट्री की वर्किंग कैपिटल कम होगी। भमरा ने कहा कि सूबे के अन्य संगठनों से भी हड़ताल को लेकर सार्थक रिस्पांस आ रहा है।
पंजाब में सरकार पर अफसरशाही बुरी तरह हावी है और सरकार दबाव में कई गलत फैसले ले रही है। भमरा ने कहा कि वर्कशीट सात से सरकार के राजस्व पर कोई असर नहीं होगा, लेकिन उद्योग जगत की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। इस अवसर पर चेयरमैन मोहिंदर पाल जैन, राज कुमार सिंगला, एमके गुप्ता, अरजिंदर सिंह और जतिंदर सिंह समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।