जिला उपायुक्त की ओर से कोबरा ताराें को हटाने तथा इनकी बिक्री पर रोक
लगाने के दिए गए आदेशाें को प्रशासन द्वारा गंभीरता से नहीं लिया। खेतों
में लगी कोबरा तारों में फंसकर दो नीलगायाें की दर्दनाक मौत हो गई।
घटना
के बाद अखिल भारतीय जीव रक्षा बिशभनोई सभा व गो रक्षा दल के सदस्याें में
प्रशासन के प्रति रोष पाया जा रहा है। लोगों ने जीव रक्षा विभाग कार्यालय
में पहुंचकर अधिकारियों से कोबरा ताराें को हटवाने की मांग की है।
जीव
रक्षा बिशभनोई के प्रांतीय प्रधान आरडी बिशभनोई, गांव झूमियांवाली गोशाला
के मुख्य सेवादार नंद किशोर झूमियांवाली ने कहा कि किसानों ने खेत में
कोबरा तारें लगा रखी हैं जिसमें फंसकर एक गर्भवती नीलगाय बुरी तरह से जख्मी
होकर मर गई।
सूचना मिलते ही मौके पर जीव रक्षा बिशभनोई सभा
झुमियांवाली के प्रधान सोनू स्वामी ने जीव रक्षा विभाग के अधिकारियाें को
सूचना दी। विभाग के अधिकारी सारज सिंह व दिलप्रीत घटनास्थल पर पहुंचें और
मामले की पड़ताल की।
इसी प्रकार शेरेवाला से सूचना मिली कि एक खेत
में लगी कोबरा तारों में फंसकर एक नीलगाय की मौत हो गई और उक्त किसान ने
मृतक नीलगाय को हड्डारोड़ी में फेंक दिया है। आरडी बिशभनोई ने बताया कि
सूचना मिलने पर वे गांव के सरपंच रविन्द्र कुमार, जीव रक्षा विभाग के ब्लाक
अफसर अशोक कुमार सहित पहुंचें तब तक मृत नीलगाय को कुत्तों ने नोंच डाला
जबकि उसका सिर उन्हाेंने बरामद कर लिया।
इधर बहादुरखेड़ा निवासी
हरपिंदर सिंह पुत्र इकबाल सिंह ने जीव रक्षा विभाग को दिए एक शिकायत पत्र
में कहा है कि उनके गांव के हरबंस सिंह व सुखपाल सिंह ने अपने खेतों में
कोबरा तारें लगा रखी हैं। जीव रक्षा विभाग के अधिकारियाें ने ताराें हटाने
के लिए इसकी जिम्मेवारी उनके गांव के बीट इंचार्ज रविन्द्र कुमार के
सुपुर्द की है। रविन्द्र कुमार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इधर जीव रक्षा
विभाग के ब्लाक अफसर अशोक कुमार व गार्ड कुलवंत सिंह ने बताया कि कोबरा
ताराें को हटाने के लिए उनके पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है यह काम प्रशासनिक
अधिकारियाें एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग के बिना संभव नहीं हैं।