घने कोहरे में ट्रेनों को सही समय पर अपने निर्धारित स्टेशन पर पहुंचाने के लिए फाग पटाखे और फाग सेव डिवाइस का सहारा लिया जा रहा है। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए धुंध में ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी है। यह जानकारी रेल डिवीजन फिरोजपुर के डीएमएम अनुज प्रकाश ने दी।
डीआरएम ने बताया कि धुंध में ट्रेन के चालक को सिगनल सही तरह से नजर नहीं आता है। इसीलिए रेल पटरी के ऊपर फाग पटाखे रखे जाते हैं, ताकि ट्रेन चढ़ते ही पटाखे फटने लगते हैं और चालक को आगे सिगनल होने का आभास हो जाता है।
डीआरएम ने बताया कि घने कोहरे में फाग सेव डिवाइस की भी मदद ली जा रही है। ये यंत्र ट्रेन चालक को सिगनल आने की सूचना देता है। उसी के मुताबिक चालक ट्रेन की रफ्तार धीमी कर देता है। इन दिनों सेफ्टी स्टाफ की स्पेशल ड्यूटी लगाई गई है।
रेल पटरियों की गैंगमैन गश्त कर रहे हैं ताकि ठंड से पटरी चटके तो समय पर पता लग जाए। डीआरएम ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में चलने वाली ट्रेनों में बर्फ बाधा बनी है। लवहां का स्टाफ रेल पटरी से बर्फ साफ करने में जुटा है, ताकि वहां के लोगों को ट्रेन की सुविधा मिलती रहे।
उन्होंने बताया कि बर्फ काटने के लिए कोलकाता से मशीन मंगवाई गई है। उसके आने से वैली में सर्दियों में भी ट्रेनें चलाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।