पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन ने शहर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया और कुछ दिन पहले अपने संगठन के एक नेता पर हुए जानलेवा हमले के मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग रखी। इस दौरान सरकारी बरजिंदरा कॉलेज से लेकर मिनी सचिवालय तक रोष मार्च निकाला गया और डीसी दफ्तर के बाहर रैली का आयोजन किया गया।
इस मौके पर पीएसयू के प्रांतीय नेता कर्मजीत कोटकपूरा ने कहा कि उनके संगठन के नेताओं पर एक सोची समझी साजिश के तहत हमले करवाए जा रहे हैं और पुलिस प्रशासन आरोपियों को गिरफ्तार भी नहीं कर रहा।
पिछले समय के दौरान सत्ताधारी पक्ष के खिलाफ चले आंदोलनों में पीएसयू ने आगे होकर लड़ाई है। इसी बात की रंजिश के चलते यहां के सरकारी बरजिंदरा कॉलेज में महज 10 दिनों के भीतर पीएसयू नेताओं पर तीन बार हमला किया गया।
रैली में राजिंदर मंझेल, प्रदीप कसबा, हरदीप सिंह कोटला, किसान नेता निरभै सिंह ढुड़ी, प्रगट सिंह साफूवाला ने भी विचार रखे और इन घटनाओं में कॉलेज प्रशासन समेत जिला पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
इस मौके पर सरकारी बरजिंदरा कॉलेज में पीएसयू नेताओं से मारपीट की दो घटनाओं में आरोपियों पर केस दर्ज करने और तीसरी घटना में उनके नेता काला मोहम्मद पर जानलेवा हमले में नामजद कॉलेज के तीनों प्रोफेसरों समेत सभी आरोपियों को तुरन्त गिरफ्तार करने की मांग रखी गई।
पीएसयू ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द ही जानलेवा हमले के आरोपियों को गिरफ्तार न किया तो इस मामले को लेकर सहयोगी संगठनों की मदद से प्रदेश स्तरीय आंदोलन शुरू किया जाएगा। रैली के उपरांत पीएसयू नेताओं ने तहसीलदार को मांग पत्र भी सौंपा।
उधर इजाजत न होने की बात करते हुए पुलिस प्रशासन ने पीएसयू की इस रैली को रोकने की कोशिश की थी लेकिन उनके कार्यकर्ताओं की व्यापक भीड़ को देखते हुए पुलिस को पीछे हटना पड़ा।