जिले के गांव नंगला से गुजरता रजवाहा आसपास के किसानों के लिए मुसीबत बना हुआ है। कई बार इस रजवाहे में दरारें पड़ने के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो गईं लेकिन विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा। रजवाहे में दरार पड़ने से किसानों की कई एकड़ फसल तबाह हो गई।
रजवाहे में पड़ी करीब बीस फीट चौड़ी दरार की वजह से परमजीत सिंह की पांच एकड़ गेहूूं की फसल खराब हो गई। इसके अलावा साथ लगते अन्य खेतों में भी लगी फसल को नुकसान पहुंचा।
किसान बिक्कर सिंह ने बताया कि इस रजवाहे के किनारे खस्ता हो चुके हैं जिसकी वजह से आए दिन इसमें दरारें पड़ती रहती हैं और किसानों का नुकसान होता है। हालांकि अपनी इस समस्या को लेकर किसान कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को फरियाद कर चुके हैं लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
शुक्रवार देर शाम को भी इस रजवाहे में बीस फीट की दरार पड़ गई जिससे किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा। गांववासियों ने बड़ी मुश्किल से इस दरार को भरा, लेकिन दरार से पानी इतना ज्यादा निकला कि खेतों में चारों तरफ पानी ही पानी हो गया।
उन्होंने नहरी विभाग पर आरोप लगाया कि रजवाहे में क्षमता से अधिक पानी छोड़ा जाता है और रजवाहे की पटड़ी इसे सह नहीं पाती और रजवाहा टूट जाता है।
एसडीएम नवरीत कौर सेखों ने कहा कि वे फौरन रजवाहे की पटड़ी की मुरम्मत करवाने के लिए एसडीओ को कहेेंगे और किसानों की समस्या का जल्द समाधान करवाया जाएगा।