पंजाब में पिछले महीने हुई बेमौसमी बारिश के कारण बदरंग हुए धान के दाने और फसल में नमी की मात्रा का जायजा लेने पंजाब पहुंची केंद्रीय टीम ने अपने दौरे में से पटियाला डिवीजन के संगरूर जिले को नजरअंदाज कर दिया है।
इसके विरोध में शुक्रवार से संगरूर जिले के मालेरकोटला उपमंडल से जुड़े समूह राइस मिर्ल्स बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं। मिर्ल्स ने मंडियों से धान की लिफ्ंिटग तुरंत बंद करने का फैसला लिया है। पंजाब में संगरूर एकमात्र ऐसा जिला है जो लंबे समय से धान की उपज के लिए पहला स्थान प्राप्त करता रहा है और अन्य जिलों की भांति इस जिले में भी बेमौसमी हुई बरसात ने किसानों की धान को नुकसान पहुंचाया है।
राइस मिर्ल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरमिंदर सिंह, चेयरमैन केवल जिंदल, महासचिव अंकू जख्मी और रमेश सिंगला ने यहां बुलाई आपात बैठक के बाद जारी की प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि बेमौसम बरसात में बदरंग हुए धान के दाने का जायजा लेने पंजाब आई केंद्रीय टीम द्वारा संगरूर जिले का दौरा न करना दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, पक्षपातपूर्ण भी है। मालवा का सबसे बड़ा संगरूर जिला धान की उपज में सबसे आगे रहा है। पिछले महीने हुई वर्षा का असर इस जिले में बड़ी तादाद में हुआ है। ऐसे में केंद्रीय टीम का यहां न आना काफी अफसोसजनक है।
शैलर मालिकों ने कहा कि भविष्य में खरीद एजेंसी एफसीआई अपने सख्त नियमों के कारण उनका चावल स्टोर करने में आनाकानी करेगी क्योंकि डैमेज और डिस्कलर की निर्धारित मात्रा को पूरा कर पाना फिर मिर्ल्स के लिए काफी मुश्किल होगा। इसके विरोध में मालेरकोटला उपमंडल से जुड़े समूह राइस मिर्ल्स बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं और मंडियों में से धान की लिफ्ंिटग तुरंत बंद करने का फैसला लिया गया है।
मिर्ल्स ने मांग उठाई है कि धान की वर्तमान परिस्थिति के कारण चावलों पर डिस्कलर के लिए छूट दर दस प्रतिशत और डैमेज पर साढे़ चार प्रतिशत की जाए। इस अवसर पर मिर्ल्स कृष्ण कुमार, साजिद गोरा, विनोद कुकू, राजेश जिंदल, लाली सेखों आदि उपस्थित थे।
हड़ताल पर जाना बे-मायने : शर्मा
केंद्रीय टीम के नोडल अधिकारी और डिप्टी डायरेक्टर करूनेष शर्मा ने फोन पर बताया कि बेशक अभी दौरा कर रही टीम के निर्धारित कार्यक्रम की सूची में संगरूर जिले का नाम शामिल नहीं है। आने वाले दो दिनों में इस पर फैसला लेने पर विचार चल रहा है। इस परिस्थिति में शैलर मालिकों द्वारा हड़ताल पर जाने का फैसला बेमायने है।
पटियाला डिवीजन के फतेहगढ़ साहिब और रोपड़ की मंडियों का टीम ने जायजा लिया है। वहां पर अधिकतर शिकायतें धान के बदरंग होने और नमी की मात्रा में बढ़ोतरी की ही मिली है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी।