घर में अचानक भयानक आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते आग ने तीन गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। घर में रखे छह एलपीजी सिलेंडर भी जोरदार धमाकों के साथ फट गए और आग ने उग्र रूप धारण कर लिया।
आग को बेकाबू होते देख आसपास की दर्जन भर दुकानें कुछ पलों में ही खाली कर दी गईं। आम लोगों, आरएसएस, भाजपा वर्करों व प्रशासन की तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक पूरा घर व तीन गोदाम (जिसमें फोम के गद्दे तथा कपड़े भरे थे) जलकर खाक हो चुके थे।
बर्बादी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोहे की अलमारियों तथा भारी भरकम सेफ (लॉकर) में रखी लाखों रुपये की नकदी भी जलकर राख हो गई। यहां तक कि सोने के जेवरात भी प्रचंड आग में पिघल गए। आग लगने के ठोस कारणों का पता नहीं चल पाया है।
बुधवार सुबह करीब दस बजे यहां के मुख्य पोस्ट आफिस वाली गली में कपड़ा व्यापारी अशोक कुमार, पवन कुमार, सुभाष कुमार व अनिल कुमार के घर में आग लग गई। घर के पिछवाडे़ में इन्हीं के कई गोदाम हैं जिसमें कपडे़ आदि भरे हुए थे। इससे पहले कोई संभल पाता चंद पलों में आग की लपटें आसमान छूने लगीं।
आसपास के सभी बाजार बंद हो गए। दुकानदारों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आग बुझाने का मोरचा संभाला। करीब एक घंटे बाद संगरूर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची और तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। मौके पर मौजूद एसडीएम राजेश धीमान, डीएसपी सुखदेव सिंह विर्क ने कहा कि शहर में फायर स्टेशन की मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग
शहर में फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग को लेकर दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और रोष प्रदर्शन किया। सत्ता से ऊपर उठकर सभी सियासी दलों से संबंधित लोगों ने मांग की कि शहर में तुंरत फायर स्टेशन स्थापित किया जाए। कांग्रेस के हलका प्रभारी अमन अरोड़ा ने घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों से संवेदना व्यक्त की और सरकार से तुरंत फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग की।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, जगजीत सिंह अहुजा, अजय मस्तानी, शाम सिंह फौजी आदि ने कहा कि शहर में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन सरकार कुंभकरणी नींद में है। नेताओं ने कहा कि यदि उक्त मांग को अमली रूप नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों तीखा आंदोलन किया जाएगा।