सांसद भगवंत मान ने प्रदेश सरकार द्वारा हर साल करवाए जाते वर्ल्ड कबड्डी कप में बड़े घोटाले होने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मान ने आरोप लगाया कि कबड्डी कप में जहां डोप टेस्ट के बदले खिलाड़ियों से हजारों रुपये बंटोरे जा रहे हैं, वहीं अपने चहेतों को शामिल किया जाता है। इसके अलावा कबड्डी कप में जिन विदेशों के राष्ट्रीय ध्वजों को इस्तेमाल किया जाता है, उन देशों को इस बारे में जानकारी ही नहीं होती।
मान ने पैंतालीस से ज्यादा ऐसे खिलाड़ियों को सामने किया, जिन्हें प्रदेश सरकार द्वारा कबड्डी कप के लिए गठित की ट्रायल कमेटी ने उनसे डोपिंग टेस्ट के बदले तीस-तीस हजार रुपये लेकर बाहर का रास्ता दिखा दिया है जिसकी यह कबड्डी के खिलाड़ी जांच की मांग कर रहे हैं। मान ने मांग की है कि जब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक वर्ल्ड कबड्डी कप पर पाबंदी लगनी चाहिए। इसके अलावा वे इस मामले को संसद में भी उठाएंगे। मान यहां शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में अलग-अलग जिलों के कबड्डी खिलाड़ियों को साथ लेकर पहुंचे हुए थे और पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इस मौके पर जालंधर से पहुंचे कबड्डी खिलाड़ी जसकरन सिंह तथा अन्य खिलाड़ियों ने बताया कि आगामी 9 अगस्त को कबड्डी कप के टेस्ट शुरू होने जा रहे हैं, जिसके लिए लुधियाना में 170 खिलाड़ियों के ट्रायल लिए गए थे। ट्र्रायल कमेटी की तरफ प्रति खिलाड़ी तीस हजार रुपये यह कहकर लिए गए कि उनके डोप टेस्ट किए जाएंगे। 170 खिलाड़ियों में से 120 खिलाड़ियों का परिणाम ही घोषित किया गया।
बाकी पचास को यह कहकर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया कि उन्हें डोप टेस्ट में पाजिटिव पाया गया है, लेकिन उनके डोप पाजिटिव होने की रिपोर्ट उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें टीम से बाहर निकालकर ट्रायल कमेटी ने अपने चहेतों को टीम में शामिल किया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की पूरी तरह जांच करके उन्हें इंसाफ दिलाया जाए।